ब्रिटेन में 'चमत्कारी' दवा Dexamethasone को मंजूरी, कोरोना वायरस के खिलाफ डॉक्टरों ने बताया रामबाण
ब्रिटेन के सांसदों ने कहा है कि 'ये दवा लोगों की जिंदगी को बचा रहा है और ये काफी असरदार तरीके से काम करता है।'
लंदन, अगस्त 01: स्टेरॉयड में इस्तेमाल की जाने वाली दवा डेक्सामेथासोन कोरोना के मरीजों के लिए रामबाण साबित हो रही है और अब इसकी पुष्टि ब्रिटिश सांसदों ने कर दी है। ब्रिटिश सांसदों ने वैज्ञानिकों के रिसर्च के आधार पर डेक्सामेथासोन दवा को लेकर कहा है कि कोरोना मरीजों को ये दवा देने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का खतरा खत्म हो जाता है और मरीजों की जान बच जाती है। ब्रिटिश सांसदों ने डेक्सामेथासोन को कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के लिए ''चमत्कारी'' दवा कहा है। (सभी तस्वीर-फाइल)

चमत्कारी दवा है डेक्सामेथासोन
रिसर्च के बाद ब्रिटेन के सांसदों ने डॉक्टरों से कहा है कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को डेक्सामेथासोन दवा लिखें और उन्हें गंभीर होने से बचाएं। आपको बता दें कि डेक्सामेथासोन स्टेरॉयड में इस्तेमाल की जाने वाली दवा है, जो इन्फेक्शन के दौरान फेफड़ों की रक्षा करता है। अब रिसर्च में पता चला है कि कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को डेक्सामेथासोन दवा दिए जाने के बाद उनके अस्पताल जाने की संभावना काफी कम हो जाती है।

22 हजार मरीजों पर रिसर्च
ब्रिटेन सरकार की एनएचएस विभाग ने डेक्सामेथासोन दवा को लेकर इस साल जनवरी महीने से रिसर्च करना शुरू किया था और पिछले कुछ महीनों में एस्टरॉयड की बीमारी से पीड़ित वो मरीज, जो डेक्सामेथासोन दवा लेते थे, उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल जाने की नौबत नहीं आई। करीब 22 हजार लोगों पर इस दवा के प्रभाव को लेकर जानकारियां जुटाई गई हैं। जिसमें पता चला है कि डेक्सामेथासोन दवा देने के बाद मरीजों को वेंटिलेटर पर जाने से बचा लिया गया है। वहीं, रिसर्च में डॉक्टरों ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर डेक्सामेथासोन दवा ने करीब 10 लाख से ज्यादा लोगों की जिंदगी बचा ली है। ब्रिटिश डॉक्टरों के इस रिसर्च का पूरे देश में स्वागत किया गया है और ब्रिटिश सांसदों ने कहा है कि अब कोरोना वायरस वैक्सीन के अलावा हमारे पास एक बेहतरीन दवा भी है, जिसका मतलब ये हुआ कि लोगों की जिंदगी पर ज्यादा खतरा नहीं आने दिया जाएगा।

लोगों की जिंदगी बचाने वाली दवा
ब्रिटेन के एक सांसद ने कहा है कि ''ये दवा लोगों की जिंदगी को बचा रहा है और ये काफी असरदार तरीके से काम करता है। ये दवा कोरोना संक्रमित मरीजों को ज्यादा सीरियस नहीं होने दे रहा है, लिहाजा कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को ये दवा दी जा सकती है।'' ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने दो हजार से ज्यादा एनएचएस कोविड मरीजों के उपर इस दवा का प्रयोग किया है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को भी डेक्सामेथासोन दवा को लेकर कामयाबी मिली है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने डेक्सामेथासोन दवा कोरोना मरीजों को 10 दिनों का कोर्स दिया था।

कैसे रामबाण की तरह है डेक्सामेथासोन?
ब्रिटेन में रिसर्च के दौरान पता चला है कि ''उन कोरोना मरीजों को जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है, उन्हें जब डेक्सामेथासोन दिया गया तो उनके मरने का जोखिम 80 प्रतिशत तक कम हो गया, जबकि वेंटिलेटर पर चले गये मरीजों के मरने का खतरा 33 प्रतिशत तक कम हो गया। साउथ सफ़ोक के टोरी सांसद जेम्स कार्टलिज ने भी इस दवा को 'अविश्वसनीय' कहा है और सरकार से इस दवा को बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ''लंबे समय के बाद काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है और मुझे लगता है कि यह हमारे द्वारा की गई सबसे बड़ी सफलता को कम करके आंका गया है''। हालांकि, डॉक्टरों ने कहा है कि इस दवा का इस्तेमाल अपने मन से नहीं करें और किसी भी मरीज को बिना डॉक्टरों की सलाह के इस दवा का इस्तेमाल ना किया जाए। (नोट- कृपया अपने मन से इस दवा का इस्तेमाल नहीं करें, डॉक्टरों से उचित सलाह लें)












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