Depression से निपटने में मनोचिकित्सा से अधिक प्रभावी है शारीरिक गतिविधि- Study
दुनिया में हर आठवें में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप से मानसिक रोग से परेशान है। लेकिन, एक रिसर्च से पता चला है कि शारीरिक गतिविधि इसका सबसे लाभदायक इलाज है।

डिप्रेशन या अवसाद को नियंत्रित या खत्म करने के लिए एक बहुत ही कारगर उपाय का पता चला है। एक विस्तृत शोध हुआ है, जिसमें पता चला है कि शारीरिक गतिविधियां इस तरह की मानसिक समस्याओं को दूर करने में बहुत ज्यादा मदद करती हैं और बहुत ही तेजी से अपना असर दिखाती हैं। मनोचिकित्सकों के लिए भी यह काफी लाभप्रद रिसर्च है।
मनोचिकित्सा से 1.5 गुना ज्यादा प्रभावी-रिसर्च
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक डिप्रेशन से उबरने में शारीरिक गतिविधि काफी लाभदायक हैं। इस नए शोध में पाया गया है कि डिप्रेशन को नियंत्रित करने में शारीरिक गतिविधि मनोचिकित्सा या बाकी प्रचलित दवाओं की तुलना में 1.5 गुना ज्यादा लाभकारी है।
शारीरिक सक्रियता के साथ कम होती है समस्या-रिसर्च
यह रिव्यू ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है, जिसमें 97 शोध, 1039 ट्रायल और 1,28,119 भागीदारों को शामिल किया गया है। इसे इस विषय पर अबतक का सबसे बड़ा शोध बताया जा रहा है। इसमें यह बताया गया है कि जब लोग शारीरिक तौर पर सक्रिय होते हैं तो उदासी, चिंता और परेशानी के लक्षणों में किस तरह से सुधार दिखते हैं।
शारीरिक गतिविधि में तेजी का ज्यादा असर-शोध
इस शोध में एक बड़ी बात ये सामने आई कि 12 हफ्ते या उससे कम समय तक व्यायाम करवाने के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों में कमी देखने को मिली। इससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि शारीरिक गतिविधि की रफ्तार से कैसे बदलाव आ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में (9.70 अरब) हर 8 व्यक्ति में से एक मानसिक समस्या से पीड़ित है।
सालाना 2.5 ट्रिलियन डॉलर की चपत
खराब मानसिक स्वास्थ्य की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सालाना 2.5 ट्रिलियन डॉलर की चपत लगती है। यह 2030 तक बढ़कर 6 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है। ऑस्ट्रेलिया में पिछले 12 महीने में अनुमान के तौर पर 5 में से हर एक इंसान (16 से 85 वर्ष की आयु) मानसिक रोग से पीड़ित रहा है।
शारीरिक गतिविधि को व्यापक रूप से नहीं अपनाया जाता-शोधकर्ता
UniSA के प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर बेन सिंह का कहना है कि बढ़ती मानसिक बीमारियों को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए शारीरिक गतिविधियों को निश्चित तौर पर प्राथमिकता देनी पड़ेगी। उन्होंने कहा, 'मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने में शारीरिक गतिविधि को मददगार माना जाता है। साक्ष्य उपलब्ध होने के बाद भी इलाज की पहली पसंद के तौर पर इसे व्यापक रूप से नहीं अपनाया गया है।'
कुछ लोगों में ज्यादा सुधार दिख सकते हैं- शोधकर्ता
उनका कहना है, 'हमारी समीक्षा से मालूम पड़ता है कि शारीरिक गतिविधि करवाकर सभी तरह के मरीजों में डिप्रेशन और चिंता के लक्षणों को काफी कम कर सकते हैं, कुछ समूहों में सुधार के और भी अधिक संकेत दिख रहे हैं।'
सभी तरह के व्यायाम और योग का फायदा-शोधकर्ता
इसमें पाया गया है कि ज्यादा जोरदार तरीके से व्यायाम करने से डिप्रेशन और चिंता में ज्यादा लाभ देखने को मिलता है। उन्होंने बताया, 'हमने यह भी पाया कि सभी तरह के एरोबिक व्यायाम जैसे टहलने,रेसिस्टेंस ट्रेनिंग, पिलेट्स और योग समेत सभी तरह की शारीरिक गतिविधि और व्यायाम लाभदायक थे।'
मनोचिकित्सा के लिए बहुत ही लाभदायक रिसर्च
वरिष्ठ शोधकर्ता और UniSA की प्रोफेसर कैरोल महेर का कहना है कि सभी व्यस्क आबादी में डिप्रेशन, चिंता और मनोवैज्ञानिक समस्या पर सभी तरह की शारीरिक गतिविधि के मूल्यांकन के लिए यह पहला शोध है। उनके मुताबिक चिकित्सकों के लिए यह शोध काम की चीज है, जिससे डिप्रेशन और चिंता को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। (स्रोत-एएनआई और तस्वीर- सांकेतिक)
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