कांग्रेस को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, अकाउंट फ्रीज केस में पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही के खिलाफ याचिका खारिज
बैंक खातों को 'फ्रीज' (लेनदेन पर रोक) किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने आयकर विभाग के एक्शन खिलाफ कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस यशवंत वर्मा और पुरुषइंद्र कुमार कौरव की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, ''हम रिट याचिकाओं को खारिज करते हैं।''
हाईकोर्ट ने लगातार तीन वर्षों यानी 2014-15, 2015-16 और 2016-17 के लिए अधिकारियों द्वारा उसके खिलाफ शुरू की गई कर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही के खिलाफ राजनीतिक दल द्वारा दायर याचिका पर 20 मार्च को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस यशवंत वर्मा और पुरुषइंद्र कुमार कौरव की बेंच ने अपना फैसला सुनाया। कांग्रेस ने पुनर्मूल्यांकन कार्रवाई का विरोध किया। कांग्रेस के वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा, कर पुनर्मूल्यांकन कार्रवाई पर समय-सीमा लागू होती है।
अभिषेक सिंघवी ने कहा कि आयकर विभाग अधिक से अधिक छह मूल्यांकन वर्षों तक ही जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, पुनर्मूल्यांकन प्रोसिडिंग आयकर कानून के प्रावधानों के विपरीत की जा रही है।
हालांकि, आयकर विभाग ने दावा किया कि किसी वैधानिक प्रावधान का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है। बरामद सामग्री के अनुसार पार्टी द्वारा छिपाई गई आय 520 करोड़ रुपये से अधिक है।
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इनकम टैक्स विभाग ने उस पर 210 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। कांग्रेस के बैंक अकाउंट के 285 करोड़ रुपए सीज कर दिए गए हैं। इनकम टैक्स की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस नेता और वकील विवेक तन्खा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी ने गुरुवार को इस पर अपनी आपत्ति दर्ज की थी। खरगे ने कहा कि कांग्रेस को असहाय बनाकर केंद्र सरकार फ्री और फेयर चुनाव की बात करती है। ऐसा नहीं हो सकता।
शुक्रवार को पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि लोकसभा चुनावों से पहले आयकर विभाग ने कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर क्राइम किया है। देश में स्वतंत्र चुनाव को खतरे में डाल दिया है। कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज करने का मुद्दा गांव तक पहुंच चुका है। यह मुद्दा इनको ले डूबेगा।












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