Dead Zone: वैज्ञानिकों ने ढूंढी पृथ्वी के इतिहास की सबसे खतरनाक जगह, उड़ने वाले जानवरों से घिरा रहता था स्थान
मोरक्को। अंतरराष्ट्रीय खोजकर्ताओं की एक टीम ने अपनी रिसर्च में एक बड़ा खुलासा किया है। इनका कहना है कि इन्होंने पृथ्वी की सबसे खतरनाक जगह को ढूंढ लिया है। ये जगह अफ्रीका के सहारा में मौजूद है। टीम का दावा है कि ये स्थान पृथ्वी के इतिहास की अब तक की सबसे खतरनाक जगह (most dangerous place in the history of planet earth) थी। जीवाश्म विज्ञान का अध्ययन करने पर ये निष्कर्ष सामने आया है। आज दुनिया के विशालतम गर्म मरुस्थल के नाम से जाना जाने वाला सहारा मरुस्थल कभी खतरनाक जीवों का घर हुआ करता था।

उड़ने वाले सरीसृप और मगरमच्छ रहते थे
रिसर्च में पता चला है कि करीब 100 मिलियन साल पहले यहां खतरनाक जानवर रहा करते थे। उस समय सहारा एक विशाल नदी वाला स्थान था, जहां उड़ने वाले सरीसृप और मगरमच्छ जैसे जानवर रहते थे। टीम ने दक्षिण-पूर्वी मोरक्को में 145 से 166 मिलियन साल पहले की चट्टानों के एक सेट से जीवाश्मों की समीक्षा की। विशेषज्ञों ने इसे 'कीम कीम ग्रुप' के नाम से संबोधित किया। जो दक्षिण-पूर्वी मोरक्को में मोरक्को और अल्जीरिया की सीमा पर मौजूद एक भूवैज्ञानिक समूह है।

तीन सबसे खतरनाक डायनासोर रहते थे
इन्हें पता चला है कि उस समय के तीन सबसे बड़े खतरनाक डायनासोर सहारा में रहते थे। इनमें बड़े दांतों वाले कार्कोडोन्टोसॉरस शामिल थे, जो कि 26 फीट (8 मीटर) से अधिक लंबे थे। इनके प्रत्येक दांत की लंबाई करीब 7.8 इंच (20 सेमी) थी। इसके अलावा इस क्षेत्र में 26 फीट लंबे डेल्टड्रोमस भी रहते थे, जो लंबे, पतले अंगों वाले रैप्टर परिवार के सदस्य थे। इनके साथ ही इस खतरनाक इलाके में उड़ने वाले सरीसृप और मगरमच्छ जैसे जानवर भी रहते थे।

कई इंसान भी यहां नहीं रह सकता
पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय के पेपर लेखक और जीवाश्म विज्ञानी निजार इब्राहिम ने कहा, 'यह यकीनन पृथ्वी ग्रह के इतिहास में सबसे खतरनाक जगह थी।' उन्होंने कहा कि सहारा 100 मिलियन साल पहले एक ऐसा स्थान था, जहां एक इंसान टाइम ट्रैवल करके भी लंबे समय तक नहीं रह सकता। पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय के पेपर लेखक डेविड मार्टिल ने कहा, 'हालांकि, इस क्षेत्र में बहुतायत में मछली रहती थीं। जिन्हें ये जीव खाने के लिए इस्तेमाल करते थे।'

बड़ी मछलियों से भरी थी ये जगह
प्रोफेसर मार्टिल ने आगे कहा, 'यह जगह बिल्कुल विशाल मछलियों से भरी हुई थी, जिसमें विशालकाय सीउलैकैंथ और लंगफिश भी शामिल थीं। सीउलैकैंथ आज के समय से चार से पांच गुना ज्यादा बड़ी थीं।' अध्ययन में जो भी खुलासे हुए हैं, उन्हें जूकीज (ZooKeys) जर्नल में प्रकाशित किया गया है।












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