1000% फिट हैं भाई... दाऊद इब्राहिम की मौत की खबरों पर बोला खास गुर्गा छोटा शकील, मुलाकात का किया दावा
Dawood Ibrahim: दाऊद इब्राहिम की मौत को लेकर पिछले दो दिनों से चल रही खबरों के बीच उसके सबसे खास गुर्गों में से एक छोटा शकील ने दावा किया है, कि दाऊद इब्राहिम जिंदा है। छोटा शकील वो शख्स है, जो भारतीय मीडिया, या यं कहें, जितने भी भारत के क्राइम रिपोर्टर्स हैं, उनका एकमात्र सूत्र है, जो उन्हें दाऊद इब्राहिम से जोड़ता है। हालांकि, पहले कई और सूत्र हुआ करते थे, लेकिन मुंबई में जब अंडरवर्ल्ड का खात्मा किया गया, तो बाकी सभी सूत्र भी खत्म हो गये, मगर छोटा शकील बचा रहा।
अभी तक दाऊद इब्राहिम के चार बार मौत की अफवाह, या यूं कहें, खबरें आई हैं, लेकिन हर बार छोटा शकील, जिसे मीडिया में दिखने की आदत रही है, वो दाऊद के मौत का खंडन करता रहा है और इस बार भी, जब दाऊद इब्राहिम को जहर दिए जाने की रिपोर्ट मीडिया में तैरने लगी, तो भारत के तमाम क्राइम रिपोर्टर्स ने छोटा शकील को ही फोन मिलाया।

छोटा शकील ने कई भारतीय मीडिया संस्थानों से बात की और दावा किया, कि एक समय में अंडरवर्ल्ड का डॉन रहा दाऊद इब्राहिम, जो बाद में जाकर इंटरनेशनल टेरेरिस्ट बन गया, वो जिंदा है। छोटा शकील ने दावा करते हुए कहा, कि "दाऊद जीवित और स्वस्थ हैं। इस फर्जी खबर को देखकर मैं भी हैरान रह गया। मैं कल उनसे कई बार मिला।"
छोटा शकील सच बोल रहा है या झूठ?
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर रिपोर्टों में कहा गया है, कि जहर दिए जाने के बाद गैंगस्टर और आतंकी दाऊद इब्राहिम को अस्पताल ले जाया गया। कुछ सोशल मीडिया यजर्स ने पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवर उल हक काकर के खाते के स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए, जिसमें उल्लेख किया गया था कि दाऊद की मृत्यु हो गई थी। लेकिन वो मैसेज और अकाउंट फर्जी निकला।
लेकिन, सवाल ये हैं, कि छोटा शकील के दावे में कितना दम है?
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार आजाद सईद ने एक भारतीय यूट्यूब चैनल से बात करते हुए इस बात से इनकार किया, कि दाऊद इब्राहिम को कुछ हुआ होगा। उन्होंने कहा, कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है, ये तो पाकिस्तान की सरकार कभी नहीं मानेगी।
लेकिन, उन्होंने इस बात को माना, कि पिछले कुछ समय में पाकिस्तान में एक के बाद एक, कई टारगेट किलिंग्स हुई हैं। जिसमें कई 'भारत के वांटेड' मारे गये हैं। आजाद सईद ने ये भी कहा, कि कुछ महीने पहले हाफिज सईद के घर के बाहर एक बम धमाका हुआ था, और उस मामले में कुछ गिरफ्तारियां की गई हैं।
आजाद सईद ने कहा, कि "भारत-पाकिस्तान के संबंधों से इतर, उस मामले में मेरी बात कुछ जांच अधिकारियों से निजी तौर पर हुई, जिन्होंने कहा, कि बम धमाके का स्रोत पाकिस्तान से बाहर यूएई से जुड़ा है।"
आजाद सईद की बातों पर अगर यकीन किया जाए, तो माना जा सकता है, कि पाकिस्तान में भारत के वांटेड लोगों की हत्याएं हुई हैं। जिसमें लश्कर-ए-तैय्यबा के कई आतंकी शामिल हैं। पिछले दिनों लश्कर-ए-तैय्यबा के एक आतंकी को जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच जहर दिया गया और पाकिस्तानी मीडिया में भी ये रिपोर्ट आई थी, कि ऐसी आशंका है, कि जहर देने वाले एक रसोइया था, जो गायब हो गया।
पाकिस्तानी मीडिया ने पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा था, कि 'उस अज्ञात रसोइये की तलाश चल रही है।'
लिहाजा, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है, कि दाऊद इब्राहिम तक उस 'अज्ञात' के हाथ नहीं ही पहुंच सकते हैं। पाकिस्तान में 'भाड़े के हत्यारों' को खोजना उतना ही आसान है, जितना आसान भारत के किसी ड्राइ स्टेट में शराब खोजना है।
लिहाजा, छोटा शकील की बातों पर आंख मुंदकर यकीन नहीं करना चाहिए। अगर कोई अज्ञात शख्स हाफिज सईद के घर के बाहर बम रख सकता है, पाकिस्तानी जेल में जाकर आतंकवादी को जहर दे सकता है, तो दाऊद इब्राहिम तक पहुंचना भी नामुमकिन तो नहीं है।
हालांकि, हकीकत का पता कभी नहीं चल पाएगा। दाऊद इब्राहिम के मरने के सालों बाद भी शायद पुख्ता तौर पर नहीं कहा जाएगा, कि भारत का ये भगोड़ा आतंकवादी, मारा जा चुका है, लेकिन फिलहाल के लिए इस बार जो उसकी मौत की खबर उड़ी है, उसे अफवाह ही मान लीजिए।












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