10 सालों में दुनिया का हर देश घूमकर वापस अपने घर लौटा शख्स, बिना हवाई जहाज पर चढ़े पूरा किया सफर
दुनिया घूमने की बात तो सभी करते हैं मगर दुनिया का हर देश घूमने का दावा शायद ही कोई कर पाता है। लेकिन डेनमार्क के एक शख्स ने 10 साल के लंबे वक्त में दुनिया के हर देश घूमने की उपलब्धि हासिल कर ली है।
'आधुनिक वाइकिंग' टोरबजर्न 'थॉर' पेडरसन ने साल 2013 में अपनी नौकरी, परिवार और प्रेमिका को छोड़ दिया और 10 अक्टूबर 2013 को बिना हवाई सफर के हर देश का दौरा करने के लिए निकल पड़े। अब वह लगभग 10 साल बाद 24 मई को अपने घर वापस लौट आए हैं।

टोरबजर्न ने यह सफर ट्रेन, बस और जहाज से यानि कि बिना किसी हवाई सफर के पूरा किया है। यात्रा के दौरान टोरबजर्न ने अपने लिए केवल 3 नियम तय कर रखे थे। प्रत्येक देश में कम से कम 24 घंटे बिताना। कम से कम 20 डॉलर में गुजारा करना और यात्रा पूरी होने तक घर नहीं लौटना।
संयुक्त राष्ट्र 195 संप्रभु राज्यों को मान्यता देता है लेकिन टोरबर्जन ने अन्य विवादित देशों को भी अपनी सूची में शामिल किया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक टोरबजर्न ने 203 देशों की यात्रा कर चुके हैं। आखिरी बार उन्होंने जिस देश का दौरा किया वह मालदीव था।
टोरबर्जन ने कहा कि वे दुनिया में सबसे अधिक यात्रा करने वाले 150 लोगों में से एक हैं। वहीं बिना हवाई सफर ये मुकाम पाने वाले दुनिया के पहले शख्स हैं। टोरबजर्न को इस यात्रा के दौरान कई अजनबियों से मदद मिली।
44 वर्षीय टोरबजर्न साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण हांगकांग में 2 सालों तक फंस गए थे। इस दौरान वे बस 9 देश घूमने से चूक गए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी यात्रा को छोड़ने पर भी विचार किया। हालांकि इस दौरान उन्होंने पुरानी प्रेमिका से शादी कर ली। वह टोरबर्जन से मिलने 26 बार आई थी।

जब दुनिया फिर से खुली, तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए एक जहाज लिया, अप्रैल 2022 में टाउन्सविले के बंदरगाह पर पहुंचे और लगभग दो महीने तक यहां रहे। टोरबजर्न ने यह अनुमान लगाया था कि उन्हें दुनिया घूमने में 4 साल लगेंगे, लेकिन कोरोना के अलावा सीरिया, ईरान, अंगोला और नाउरू जैसे देशों का वीजा पाने के लिए उन्हें काफी वक्त लग गया।
टोरबजर्न को अपनी यात्रा के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। घाना में वे सेरेब्रल मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचे। अटलांटिक महासागर में वे एक भयानक तूफान में फंस गए थे जो कि 4 दिन तक रहा। इसके अलावा उन्हें एक बार डाकुओं का भी सामना करना पड़ा।
टोरबजर्न ने इस यात्रा में 223,000 मील का सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने 3,576 जहाज, 158 ट्रेनें, 219 टैक्सियां, 351 बसें, 33 नावें और 43 रिक्शा की सवारी की।












Click it and Unblock the Notifications