पुरूलिया आर्म्स ड्रॉप मामले के आरोपी को डेनमार्क की कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पित करने से किया इनकार
आर्म्स स्मगलिंग केस में भारत सरकार को बड़ा झटका लगा है। 1995 में हथियारों की स्मगलिंग के आरोपी को भारत ने डेनमार्क से प्रत्यर्पित करने की मांग की थी। लेकिन डेनमार्क की कोर्ट ने भारत की याचिका को खारिज कर दिया है।
डेनमार्क के नागरिक नल्स होल्क को प्रत्यर्पित करने के लिए भारत ने अपील की थी। भारत कई वर्षों से होल्क के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है, उसपर पश्चिम बंगाल में दंगा भड़काने वाले एक समूह को करीब चार टन हथियार तस्करी करने का आरोप है।

इस केस को पुरुलिया आर्म्स ड्रॉप के नाम से भी जाना जाता है, जोकि उस समय मीडिया की सुर्खियां बना था। यह घटना 17 दिसंबर 1995 को हुई थी। हथियार एंटोनोव एएन-26 विमान से गिराए गए और बाद में भारतीय वायुसेना के विमान द्वारा उन्हें रोक लिया गया।
इस ऑपरेशन में सात लोग शामिल थे, जिनमें पांच लातवियाई नागरिक और ब्रिटिश पूर्व विशेष वायु सेवा अधिकारी पीटर ब्लीच शामिल थे। जबकि इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, होल्क पकड़े जाने से बचने में कामयाब रहा।












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