झूठा डेथ सर्टिफिकेट दिखाकर जेल से बचना चाहता था अपराधी, स्पेलिंग मिस्टेक से खुल गई सारी पोल
नई दिल्ली। अपराधी जेल जाने से बचने के लिए हर संभव पैंतरें अपनाते हैं लेकिन हर बार उनकी पोल खुल जाती है और अंत में अपराधी को हवालात की हवा खानी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला अमेरिका से सामने आया है जहां एक आपराधी ने जेल जाने से बचने के लिए अपनी मौत का झूठा नाकट रचा। इस बात पर कोर्ट को यकीन दिलाने के लिए उसने अपना डेथ सर्टिफिकेट भी बनवाया। हालांकि वह अपने इस मनसूबे में कामयाब नहीं हो सका और अपराधी की ही एक गलती ने उसकी सारी पोल खोल दी।

जेल से बचने के लिए मौत का झूठा नाटक
दरअसल, मामला अमेरिका के लॉन्ग आइलैंड का है जहां एक अपराधी को जेल की सजा से बचाने के लिए उसने कोर्ट में झूठा डेथ सर्टिफिकेट पेश किया। इस झूठ का पर्दाफाश तब हुई जब जज ने डेथ सर्टिफिकेट पर स्पेलिंग एरर (वर्तनी की गलती) को पकड़ा। बता दें कि अपराधी की पहचान 25 वर्षीय रॉबर्ट बर्जर के रूप में हुई है जो न्यूयॉर्क के हंटिंगटन में रहता है। रॉबर्ट का पर्दाफाश होने के बाद अब उसे एक चोरी के मामले में दोषी पाए जाने पर चार साल तक जेल की सजा हो सकती है।

पिछले साल हो गया था फरार
चोरी से जुड़े आरोपों में रॉबर्ट बर्जर को पिछले साल अक्टूबर में जेल जाने की सजा सुनाई गई, इसके बाद वह सजा से बचने के लिए राज्य से भाग गया। इस बीच रॉबर्ट बर्जर ने अपने तत्कालीन वकील, अभियोजकों और जज को इस बात पर विश्वास दिलाने के लिए एक साजिश रचि की वह अब इस दुनिया में नहीं है। इस प्लान में उसने कथित तौर पर अपने मंगेतर को भी शामिल किया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को कोर्ट में दिखाने के लिए उसने अपनी मंगेतर का सहयोग लिया।

स्पेलिंग एरर के चलते हुआ पर्दाफाश
पहली नजर में बर्जर का कथित मृत्यु प्रमाण पत्र न्यू जर्सी डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ वाइटल स्टैटिस्टिक्स और रजिस्ट्री द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक दस्तावेज की तरह लग रहा था। लेकिन इस सर्टिफिकेट में एक बड़ी स्पेलिंग मिस्टेक थी जिसके चलते उसका झूठ सबके सामने आ गया। डेथ सर्टिफिकेट में रजिस्ट्री को 'Regsitry' लिखा गया था। अभियोजक ने कहा, प्रमाण पत्र में फॉन्ट टाइप और साइज में भी विसंगतियां थीं जिसके बाद इसकी सत्यता पर संदेह पैदा हुआ।

दूसरे राज्य में हुआ गिरफ्तार
अभियोजन पक्ष के मुताबिक न्यू जर्सी के स्वास्थ्य विभाग वाइटल स्टैटिस्टिक्स और रजिस्ट्री ने पुष्टि की है कि चोरी का आरोपी बर्जर का मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी है। इस दौरान पता चला कि बर्जर जीवित था लेकिन हालत पूरी तरह से ठीक नहीं थी। कथित तौर पर मृत होने पर उसे उपनगरीय फिलाडेल्फिया में आरोपों सहित गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उस पर आरोप था कि उसने कानून प्रवर्तन को अपनी झूठी पहचान बताई और कैथोलिक कॉलेज से चोरी की। पेंसिल्वेनिया अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार बर्जर को जनवरी में एक साल तक की जेल की सजा सुनाई गई थी।
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