कोविड-19 संकट में ब्रिटेन ने भेजा वेंटिलेटर और ऑक्सीजन तो अमेरिका भेज रहा है ऑक्सीजन जेनरेटर
कोरोना संकट के दौरान ब्रिटेन ने भारत को 100 वेंटिलेटर्स और 95 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भेजा है तो अमेरिका ऑक्सीजन जेनरेशन सिस्टम भारत भेजने के लिए ऑप्शन तलाश रहा है।
लंदन/नई दिल्ली, अप्रैल 27: कोरोना वायरस भारत में लगातार कहर बरपा रहा है लेकिन भारत की मदद के लिए कई देशों ने अपना दिल खोल दिया है। भारत का दोस्त देश ब्रिटेन ने इस मुश्किल घड़ी में भारत के लिए अपना दिल खोल दिया है। भारत में ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से मरीजों की मौत हो रही है, लिहाजा ब्रिटेन ने भारत को इमरजेंसी मेडिकल सामानों की बड़ी खेप भेजी है। वहीं, अमेरिका भारत के अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन सिस्टम लगाने की कोशिश कर रहा है।
ब्रिटेन ने भेजा आपातकालीन मेडिकल सामान
ब्रिटेन भारत का दोस्त देश है और संकट की इस घड़ी में ब्रिटेन पूरी तरह से भारत के साथ खड़ा है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन ने इमरजेंसी मेडिकल सामानों की पहली खेप भारत को भेज दी है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन ने भारत को 100 वेंटिलेटर्स और 95 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की खेप भेज दी है, जो आज सुबह सुबह भारत पहुंच गया है। भारतीय विदएश मंत्रालय ने ब्रिटेन से मिलने वाली इस मदद की पुष्टि की है। इससे पहले ब्रिटेन ने कहा था कि वो संकट की इस घड़ी में पूरी तरह से भारत के साथ खड़ा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन खुद इस महीने भारत दौरे पर आने वाले थे लेकिन कोरोना संकट की वजह से उनका दौरा स्थगित हो गया है। इसके साथ ब्रिटेन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि ब्रिटिश सरकार ने 600 से ज्यादा मेडिकल सामान की सप्लाई भारत को की है।
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अमेरिका से मदद
कोरोना संकट को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की बीच फोन पर बात हुई है, जिसके बाद अमेरिका ने कहा है कि वो मेडिकल एक्सपर्ट की टीम भी भारत भेजेगा, जो भारतीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर भारत में कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए काम करेगा। यूएस की 'स्ट्राइक टीम' जल्द ही भारत आएगा, जो भारतीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ, महामारी टीम के साथ मिलकर कोरोना कंट्रोल करने की प्लानिंग करेगी। इसके साथ ही अमेरिका भारक में ऑक्सीजन पहुंचाने की भी कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने कहा है कि वो भारत को ऑक्सीजन जेनरेशन सिस्टम भारत को देने की कोशिश कर रहा है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता जेन पास्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है कि 'अमेरिका लगातार भारतीय अधिकारियों और भारत सरकार के संपर्क में है और भारत को ज्यादा से ज्यादा मेडिकल सामान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका भारत को जल्द से जल्द वैक्सीन रॉ मैटेरियल पहुंचाने की भी कोशिश कर रहा है'। इसके साथ ही अमेरिका भारत तक ऑक्सीजन कैसे पहुंचाए, इसकी भी व्यवस्था करने में लगा हुआ है।

ऑक्सीजन बनाने का मशीन देगा अमेरिका
अमेरिका ने कहा है कि वो भारत को ऑक्सीजन जेनरेशन मशीन देने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए अमेरिका अभी उन देशों की मदद नहीं करेगा जहां इसकी जरूरत कम है। अमेरिका ने कहा है कि वो भारत को ऑक्सीजन जेनरेशन सिस्टम देगा ताकि 50 से 100 बेड के अस्पतालों को लगातार ऑक्सीजन मिलता रहे। वहीं व्हाइट हाउस ने कहा है कि वो रेमडेसिवर दवा भी तैयार कर रहा है, ताकि उसे जल्द से जल्द भारत भेजा जा सके। अमेरिका की कोशिश है कि वो भारतीय अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेटर सिस्टम लगा दे ताकि अस्पताल के अंदर ही ऑक्सीजन की सप्लाई हो सके। अमेरिका ने कहा है कि वो बहुत जल्द ऑक्सीजन सिस्टम भारतीय कोविड अस्पतालों तक पहुंचाने की कोशिश में है। इसके अलावा अमेरिका भारत को वेंटिलेटर्स, पीपीई किट, कोविड दवा और कोरोना वैक्सीन रॉ मैटेरियल भी भेज रहा है।

भारत में खतरनाक स्तर पर कोरोना
देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है, क्या आम और क्या खास सभी इसके चपेट में हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 3,23,144 नए केस सामने आए हैं, जो कि सोमवार के मुकाबले कम आंकड़े हैं। नए केसों के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1,76,36,307 हो गई है तो वहीं 24 घंटे के अंदर कोरोना 2,771 लोगों ने दम तोड़ा है, जिसके बाद मौत का आंकड़ा 1,97,894 पहुंच गया है। भारत में अब एक्टिव केस 28,82,204 हैं, जबकि 1,45,56,209 लोग ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं, तो वहीं देश में अब तक 14,52,71,186 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है, जबकि बीते 24 घंटों में 33,59,963 लोगों को कोरोना का टीका लगा है।












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