Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'मेरे देश की स्थिति खराब है, मैं लोगों की मदद के लिए कुछ भी करूंगा, जिसे आप मदद कहते हैं, वो दोस्ती है'

विदेशी मदद पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस एक वैश्विक संकट है और सामूहिक तौर पर ही कोविड 19 से जीता जा सकता है।

नई दिल्ली, मई 05: कोरोना वायरस के दूसरे लहर के दौरान भारत को मिल रही विदेशी मदद को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मदद का नहीं बल्कि दोस्ती का नाम दिया। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि 'कोरोना वायरस 'सामूहिक समस्या' और वैश्विक संकट है और भारत ने कोरोना वायरस की समस्या से निपटने के लिए दुनिया को काफी मदद दी है और अभी दुनिया हमारी मदद कर रही है। इसे आप मदद मानते हैं जबकि हमने इसे दोस्ती का नाम दिया है।'

मदद नहीं ये है दोस्ती

मदद नहीं ये है दोस्ती

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'इस वैश्विक संकट को समझने की जरूरत है और दुनिया के सभी देश समझ रहे हैं कि इस वक्त भारत कैसी स्थिति का सामना कर रहा है'। भारतीय विदेश मंत्री ने एएनआई से बात करते हुए कहा है कि 'जैसा कि मैंने पहले कहा कि कोविड-19 एक वैश्विक संकट है और सभी देशों की सामूहिक समस्या है, ऐसे में पिछले साल भारत ने पूरी दुनिया की काफी मदद की थी। बात अगर दवा की हो तो भारत ने दुनियाभर के देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई की थी। हमने अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपियन देशों को काफी दवाएं और अलग अलग मेडिकल सामान उपलब्ध करवाए थे। हमने कुवैत में भारत से मेडिकल टीम भेजा था, ताकि वहां की स्थिति को संभाला जा सके। भारत ने दुनिया के कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध करवाए हैं। ऐसे में आप इसे मदद कह सकते हैं लेकिन हम इसे दोस्ती मानते हैं'।

भारत ने बदली नीति?

क्या भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मदद को लेकर अपनी विदेश नीति में बदलाव किया है? इस सवाल के जवाब में भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'जहां तक मैं समझता हूं, इस बात को उस नजरिए से नहीं देखना चाहिए।' उन्होंने कहा कि 'विश्व ने पहले कभी इस तरह के वैश्विक संकट का सामना नहीं किया था और ऐसे समस्याओं से निपटने के लिए पूरी दुनिया को एक साथ आना ही होगा और ऐसे वक्त में पॉलिटिकल फायदा लेने की बात सोचना गलत है।' भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'मुझे लगता है इस समस्या की गंभीरता को समझने की जरूरत है, ऐसे में जब आप कहते हैं कि ऐसा तो पहले कभी नहीं हुआ था तो आपको ये भी सोचना चाहिए कि कोविड-19 भी पहले नहीं आया था। ये एक वैश्विक संकट है और इसके खिलाफ लड़ाई अगर कोई देश अकेले लड़े तो उसे कामयाबी नहीं मिल सकती है।'

लोगों की मदद करना ही है कर्तव्य

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमारी सरकार का पहला कर्तव्य लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाना है। विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने से पहले एस. जयशंकर भारत सरकार में विदेश सचिव रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस वक्त मेरी जिम्मेदारी लोगों के लिए मदद लाना है क्योंकि इस वक्त भारत के लोग सबसे गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं और बेहद खराब स्थिति से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'इस वक्त दिल्ली में जो हालात हैं, जो देश में हालात बने हैं, उससे निपटने के लिए मेरे पास जितने विकल्प हैं, मेरे पास जितनी शक्ति है, मैं उन सभी का इस्तेमाल कर रहा हूं। मैं अपने सभी सौहार्दपूर्ण संबंधों का लाभ उठाना चाहता हूं।' भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'लोगों की मदद करने से मुझे मानसिक शांति मिल रही है जबकि मैं जानता हूं कि मेरे हाथ में भी सबकुछ नहीं है। मुझे बाहरी देशों से मदद मिल रही है, जिसे मैं अपने लोगों के लिए कबूल कर रहा हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि मेरे लोग अभी बेहद गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं।'

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+