कफ सिरप और बच्चों की मौत के बीच कनेक्शन! Gambia मामले में CDC रिपोर्ट का बड़ा दावा
गांबिया में भारतीय दवा कंपनी के सिरप पीने वाले बच्चों की मौत को लेकर यूएस बॉडी सीसीडी ने अपनी जारी की है। रिपोर्ट में भारत से आयत किए गए कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल की असंतुलित मात्रा थी।

गाम्बिया में भारतीय दवा कंपनी के कफ सिरप (Indian Cough Syrup in Gambia) से बच्चों को मौत को को लेकर अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) और गांबियाई स्वास्थ्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जांच की। रिपोर्ट में ये माना गया है कि गाम्बिया में कई बच्चों की मौत और भारत में बने कफ सिरप के सेवन के बीच संबंध है। अधिकारियों ने गांबिया में भारत से आयात की गई कफ सिरप को दूषित माना गया है।
शुक्रवार को जारी एक CDC की रिपोर्ट में कहा गया, "जांच में पता चला है कि डायथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल का असंतुलित मात्रा वाली दवाएं गाम्बिया में आयात की गईं। इस सिरप के सेवन से बच्चों में एकेआई क्लस्टर बना गया"। रिपोर्ट में कहा गया कि कफ सिरप में डीईजी की अधिक मात्रा के कारण मरीजों की मानसिक स्थिति, सिरदर्द और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण होते हैं। ये गुर्दे के फेल होने का भी बड़ा कारण बनता है।
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में गांबिया में भारतीय कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। जिसको गंभीरता से लेते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक अलर्ट जारी किया था, जिसमें कहा गया कि भारत स्थित मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड द्वारा गाम्बिया को आपूर्ति की जा रही चार खांसी की दवाई घटिया गुणवत्ता की थी और दावा किया कि वे गाम्बिया में कई बच्चों की मौत से जुड़ी थीं। इससे पहले पिछले साल अगस्त में सीडीसी ने गांबिय के गाम्बिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वहां एक्यूट किडनी इंजरी के कई मामले और बच्चों की मौत की बात कही थी।
भारत में बनी कफ सिरप को लेकर सीडीसी की रिपोर्ट से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने 3 फरवरी को लोकसभा में कहा की कफ सिरप के नमूने मानक गुणवत्ता के अनुरूप पाए गए हैं। उन्होंने ये बात गांबिया में बच्चों को मौत को लेकर उठ रहे सवाल को लेकर कही।
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