गाजा, चीन, पाकिस्तान... मोदी सरकार से अलग होगी कांग्रेस की पॉलिसी, घोषणापत्र में विदेश नीति को लेकर क्या है?
Congress manifesto 2024 on India's Foreign Policy: भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव-2024 के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। जिसमें मौजूदा मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए गये हैं और बताया गया है, अगर इस चुनाव में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो कांग्रेस पार्टी की भारत की विदेश नीति को लेकर रूख क्या होगा?
कांग्रेस की तरफ से जारी घोषणापत्र में भारत की विदेश नीति को लेकर कई मुद्दों को जगह दी गई है, जिनमें चीन, पाकिस्तान को लेकर कांग्रेस की नीति के अवाला, उसकी मालदीव, श्रीलंका और गाजा पट्टी को लेकर नीति क्या होने वाली है, इसका जिक्र किया गया है। आइये कांग्रेस की घोषणापत्र में विदेश नीति को लेकर 10 बड़ी बातें जानते हैं।

कांग्रेस की घोषणापत्र में विदेश नीति को लेकर 10 बड़ी बातें
1. कांग्रेस भारत की विदेश नीति में निरंतरता की पुष्टि करती है और इसे कायम रखेगी। घोषणापत्र में कहा गया है, कि हमारे दृष्टिकोण को गहराई से स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा आकार दिया गया था और जवाहरलाल नेहरू जैसे दूरदर्शी नेताओं के ज्ञान के माध्यम से विकसित किया गया था।
2- आजादी के बाद से ही विदेश नीति पर आम सहमति थी। दुर्भाग्य से, कई क्षेत्रों में, बीजेपी/एनडीए सरकार के तहत विदेश नीति में इस आम सहमति को हटाया गया है, विशेष रूप से चल रहे गाजा संघर्ष पर। कांग्रेस विश्व मामलों में शांति और संयम की आवाज के रूप में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बहाल करने का संकल्प लेती है।
3- कांग्रेस शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, विचार और कार्रवाई में रणनीतिक स्वायत्तता और दुनिया के देशों के साथ अपने संबंधों में द्विपक्षीय जुड़ाव बढ़ाने की स्थापित नीति को बढ़ाने में अपने दृढ़ विश्वास की पुष्टि करती है।
4- हम बहुपक्षीय संस्थानों में भारत की भूमिका को मजबूत करने, महत्वपूर्ण मुद्दों पर ग्लोबल साउथ के अन्य देशों के साथ समन्वय स्थापित करने और सीमाओं से परे प्रमुख चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सुधार और सशक्तिकरण के लिए काम करना जारी रखेंगे।
5- हमारी विदेश नीति में कारोबार बढ़ाने पर ध्यान देना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। और हम दूसरे देशों के साथ लंबे समय से लंबित पड़े व्यापारिक वार्ताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
6. कांग्रेस दुनिया में कहीं भी आतंकवाद का सख्त विरोध करती है। हम आतंकवादी समूहों, आतंकवादी कृत्यों और सीमा पार आतंकवाद को खत्म करने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करेंगे।
7. कांग्रेस दुनिया में भारत की छवि को सुधारने का काम करेगी, जो इस सरकार के समय असहिष्णुता और मानवाधिकारों के दमन की वजह से खराब हुई है।
8. घोषणापत्र में आगे कहा गया है, कि "कांग्रेस मानती है, कि राष्ट्रीय सुरक्षा छाती पीटने या अतिरंजित दावों से नहीं, बल्कि हमारी सीमाओं पर चुपचाप ध्यान देने और दृढ़ रक्षा तैयारियों से बढ़ती है। हम चीन के साथ अपनी सीमाओं पर यथास्थिति बहाल करने के लिए काम करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे, कि जिन क्षेत्रों में दोनों सेनाएं अतीत में गश्त करती थीं, वे क्षेत्र फिर से हमारे सैनिकों के लिए पहुंच योग्य हों। जब तक यह हासिल नहीं हो जाता, हम चीन के प्रति अपनी नीति को समायोजित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
9. कांग्रेस क घोषणापत्र में कहा गया है, कि कांग्रेस देश के नजदीकी पड़ोसियों पर ज्यादा ध्यान देगी। हम नेपाल और भूटान के साथ अपने विशेष संबंधों की प्रधानता को फिर से स्थापित करेंगे और उन्हें अपने पारस्परिक लाभ के लिए मजबूत करेंगे। हम भारत और बांग्लादेश, जो दक्षिण एशिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं, उनके बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाएंगे। हम दोनों देशों के बीच राजनीतिक और वाणिज्यिक संबंधों को बहाल करने के लिए श्रीलंका के साथ काम करेंगे और श्रीलंका को विशेष रूप से तमिलों के साथ अपने राजनीतिक मुद्दों को सुलझाने में मदद करेंगे। हम मालदीव के साथ संबंध सुधारेंगे और म्यांमार के लोगों के राजनीतिक और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए म्यांमार के साथ काम करेंगे।
10. पाकिस्तान के साथ जुड़ाव मूल रूप से सीमा पार आतंकवाद को समाप्त करने की उसकी इच्छा और क्षमता पर निर्भर करता है।












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