राष्ट्रपति के पीछे छाता लेकर खड़ा रहता था ये कर्नल, अब तख्तापलट कर बन बैठा देश का नया बादशाह
कर्नल ममादी डोंबोया जो गिनी के राष्ट्रपति अल्फा कोंडे के पीछे छाता लेकर खड़े रहते थे उन्हें सैन्य तख्तापलट कर दिया है।
कॉनाक्री, सितंबर 07: पश्चिमी अफ्रीका में एक देश है, नाम है गिनी, जो इन दिनों राजनीतिक उठापटक और तख्तापलट के दौर से गुजर रहा है। गिनी के राष्ट्रपति का नाम था अल्फा कोंडे, जिनकी सत्ता अब जा चुकी है। हैरत का बात ये है कि उनकी सत्ता उस शख्स ने पलट दी है, जो उनके पीछे छाता लेकर खड़ा रहता था और उनका सबसे बड़ा वफादार था। पिछले 12 सालों से राष्ट्रपति की वफादारी में लगे रहने वाले ममादी डोंबोया ने अब गिनी की किस्मत बदलकर रख दी है। ममादी डोंबोया के हाथों में अब गिनी की कमान है। आईये जानते हैं कि आखिर गिनी में ममादी डोंबोया ने अपने ही 'मालिक' को कैसे धोखा दिया और कैसे एक ही झटके में पूरी किनी पर कैसे कब्जा कर लिया।

गिनी की दिलचस्प कहानी
गिनी में तख्तापलट हो चुका है और राष्ट्रपति को सत्ता से बेदखल करने वाले शख्स का नाम है ममादी डोंबोया, जो गिनी के कर्नल हैं। उन्हें लोग कर्नल ममादी डोंबोया के नाम से जानते हैं और अब तक उनकी पहचान राष्ट्रपति के सबसे वफादार शख्स के तौर पर होती थी। लेकिन, अब खेल पलट चुका है। जो शख्स राष्ट्रपति के पीछे छाता लेकर खड़ा रहता था, उसके कब्जे में अब राष्ट्रपति हैं। सोशल मीडिया पर लोग हैरान हैं और गिनी की जनता अब तक यकीन नहीं कर पाई है कि राष्ट्रपति का वफादार ही उनके पीठ में खंजर गाड़ देगा।

ममादी डोंबोया थे वफादार
गिनी में रविवार को सैना ने चुनी हुई सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका और राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को गिरफ्तार कर लिया। राष्ट्रपति अल्फा कोंडे अब कहां हैं, ममादी डोंबोया के अलावा किसी को नहीं पता। लोगों का कहना है कि उन्हें किसी गुप्त स्थान पर रखा गया है। सैनिकों की हिरासत में रखे गये राष्ट्रपति अल्फा कोंडे की एक तस्वीर जारी की गई थी। बताया जाता है कि गिनी में लोकतंत्र की स्थापना के लिए कर्नल ममादी डोंबोया ने अपने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे का भरपूर साथ दिया था और गिनी की इतिहास में पहली बार 2010 में चुनाव करवाए गये, जिसमें अल्फा कोंडे भारी मतों से जीते। 2010 के बात लगातार तीन चुनावों में अल्फा कोंडे ने जीत हासिल कर रिकॉर्ड बना दिया। इन तीनों चुनाव में कर्नल ममादी डोंबोया लगातार अपने राष्ट्रपति के साथ खड़े रहे। वफादार बने रहे, लेकिन, अब उन्होंने बाजी पलट दी है।

कौन हैं कर्नल ममादी डोंबोया?
सिर पर लाल टोपी, आंखों में धूप का चश्मा और सेना का ड्रेस... कर्नल ममादी डोंबोया की यही पहचान रही है और उन्होंने गिनी की नेशनल टीवी पर आकर तख्तापलट की घोषणा की है। कर्नल ममादी डोंबोया ने कहा कि 'गिनी में राजनेताओं ने देश का निजीकरण कर दिया था, लेकिन अब हम देश की सत्ता को एक आदमी के हाथ में नहीं सौंपेंगे'। गिनी की सेना को जुंटा कहा जाता है और तख्तापलट के बाद यूरोपीयन यूनियन ने गिनी पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही है। सोमवार को कर्नल ममादी डोंबोया ने पूर्व सरकार के मंत्रियों को मिलने के लिए बुलाया था और कहा था कि जो मंत्री बैठक में नहीं आएगा, उसे देशद्रोही माना जाएगा। कर्नल ममादी डोंबोया की शुरूआती जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन इतना पता है कि, जिस समाज से राष्ट्रपति आते हैं, उसी समाज से कर्नल ममादी डोंबोया भी आते हैं। उन्हें सेना का सबसे शानदार कमांडर माना जाता है, लेकिन कई लोगों का कहना रहा है कि उनकी विश्वसनीयता संदिग्ध रही है।

अमेरिका में ली कमांडो ट्रेनिंग
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नल ममादी डोंबोया ने अमेरिका में कमांडो मिशन की ट्रेनिंग ली है। वो सरकार की तख्तापलट करने वाले ममादी गिनी स्पेशल फोर्स के चीफ हैं, जो सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करती थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2010 से पहले वो बुर्कीना फासो में थे, जहां उन्हें अमेरिका और फ्रांस की सेना ने कमांडो ट्रेनिंग दी थी, लेकिन रविवार को उन्होंने अपनी सेना के साथ राष्ट्रपति भवन के पास गोलीबारी करते हुए पूरी सरकार को अपने कब्जे में लिया और देश में तख्तापलट कर दिया। देश की सत्ता को पलटने के बाद नेशनल टीवी पर घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि ''हम उन सभी गलतियों को ठीक करेंगे, जो हमने किया है। हम अपनी गलतियों से सीख लेंगे, जिसका कमिटमेंट हमने गिनी की जनता से किया है''।

कई देशों में कर चुके हैं काम
कर्नल ममादी डोंबोया पिछले 15 सालों से सेना में हैं और उन्होंने अफगानिस्तान, आइवरी कोस्ट, जिबूती, मध्य अफ्रीकी गणराज्य में मिशनों में काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने इज़राइल, साइप्रस, यूके और गिनी में भी काम किया है। कहा जाता है कि उन्होंने इज़राइल में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी में परिचालन सुरक्षा विशेषज्ञ प्रशिक्षण के साथ-साथ सेनेगल, गैबॉन और फ्रांस में सैन्य प्रशिक्षण को "शानदार ढंग से पूरा किया"।

राष्ट्रपति ने ही बुलाया था देश
कई सालों तक फ्रांसीसी विदेशी सेना में सेवा करने के बाद कर्नल डोंबौया को राष्ट्रपति कोंडे ने 2018 में विशेष बल समूह (जीएफएस) का नेतृत्व करने के लिए गिनी लौटने के लिए कहा था। वह तब फोरकारियाह, पश्चिमी गिनी में स्थित शहर में थे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय निगरानी ब्यूरो (डीएसटी) और सामान्य खुफिया सेवाओं के तहत काम किया। जीएफएस की स्थापना के लिए कर्नल डौंबौया को याद करते हुए राष्ट्रपति कोंडे को इस बात का अंदाजा नहीं होगा कि वे अपने राजनीतिक जीवन में आत्महत्या करने वाला कदम उठा रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन के बाद तख्तापलट
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दिन पहले गिनी में राष्ट्रपति के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन किया था और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में कई शहरों में लाखों लोग शामिल हुए थे। जिसके बाद राष्ट्रपति के खिलाफ जनता के गुस्से को भुनाते हुए कर्नल ने राष्ट्रपति को हिरासत में लेते हुए सैन्य तख्तापलट कर दिया है। वहीं, गिनी से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य तख्तापलट को गिनी में जनका का काफी समर्थन मिल रहा है और लोग सेना के समर्थन में रैलियां निकाल रहे हैं और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को सेना द्वारा उठाया गया सही कदम बता रहे हैं।
-
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट -
Nitish Kumar का मास्टरस्ट्रोक! राज्यसभा गए पर CM पद पर अब भी सस्पेंस! 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया CM? -
राजस्थान रॉयल्स की 13,500 करोड़ की डील रुक गई? बॉम्बे हाई कोर्ट में जीत से राज कुंद्रा ने पलटा गेम -
Gold Rate Today: रामनवमी पर एक दिन में ₹4,900 उछला सोना,ये है आपके शहर में 22K-18K का ताजा रेट -
Petrol Diesel Crisis: भारत के पास कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल और LPG? किसके पास सबसे ज्यादा और कहां खड़े हम? -
IPL 2026: विराट कोहली की RCB का बदलेगा नाम? 16,700 करोड़ की डील के बाद अनन्या बिड़ला ने दिया जवाब! -
'ये मेरा आखिरी वीडियो है, मुझे कुछ भी हो सकता है', क्यों रोए सनोज मिश्रा? Monalisa को लेकर सामने रखा ऐसा सच












Click it and Unblock the Notifications