गाजा पट्टी में नरसंहार: इजरायल के अटैक से 37 फिलीस्तीनियों की मौत, 500 लोग घायल
जेरूशलम। अमेरिका ने इजरायल में अपने दूतावास को तेलअवीव से जेरूशलम में खोलने के बाद गाजा पट्टी पर फिलीस्तीनियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। गाजा पट्टी पर अमेरिका का विरोध कर रहे हजारों की संख्या में फिलीस्तीनी युवाओं पर इजरायल ने सोमवार को अटैक कर 37 लोगों को मार दिया। इस अटैक में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। जेरूशलम में अमेरिकी दूतावास के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो नहीं पहुंचे, लेकिन उनके प्रतिनिधियों में इवांका ट्रंप और रिपब्लिकन के मेंबर्स शामिल हुए। पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप ने जेरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित किया थी।

फिलीस्तीन के मंत्रालय ने कहा है कि गाजा पट्टी पर इजरायल ने अटैक कर 37 लोगों को मौत के घाट उतारा है, जिसमें एक 14 साल का बच्चा भी शामिल है। फिलीस्तीन ने कहा है कि इस अटैक में 500 से ज्यादा लोग बुरी तरह से जख्मी हुए हैं। फिलीस्तीन ने इजराइल के अटैक को नरसंहार बताया है। जेरूशलम में अमेरिकी दूतावास खुलने के विरोध में सोमवार सुबह से ही गाजा पट्टी पर हजारों की संख्या में फिलीस्तीनी युवाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। गाजा पट्टी पर एक तरफ इजरायली स्नाइपर और दूसरी तरफ फिलीस्तीनी लोग पत्थरों से अटैक कर रहे थे।
न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, गाजा पट्टी पर करीब 10,000 हजार लोग हिंसा फैलाने में लगे हुए हैं, जो कि सीमा पर सिक्योरिटी बाड़ से आधा किमी दूरी पर खड़े हैं। इजरायल के सेना ने कहा कि हिंसा फैलाने वाले आग लगाकर जवाब दे रहे हैं।
इससे पहले रविवार को अलकायदा के लीडर अयमान अल-जावाहिरी ने अपने एक मैसेज में दुनिया के सारे मुसलमानों से अमेरिका के खिलाफ जिहाद करने का आग्रह किया है। अमेरिका ने पिछले साल 6 दिसंबर को इजरायल में अपनी राजधानी को तेलअवीव से जेरूशलम में खोलने की अनुमति दी थी। ट्रंप के इस निर्णय के बाद गाजा पट्टी पर लगभग हर रोज हिंसा देखने को मिली है।
जेरूशलम में अमेरिकी दूतावास के उद्घाटन समारोह में करीब 800 मेहमान पहुंचे हैं। इस दूतावास के खुलते ही अमेरिका पिछले करीब सात दशकों से चली आ रही एक परंपरा को तोड़ देगा और जेरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देगा। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जेरूशलम को यहूदियों की 3,000 साल पूरानी राजधानी बताते आए हैं। इजरायल अपनी राजधानी 70 साल से जेरूशलम को ही मानता आया है।












Click it and Unblock the Notifications