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भारत-चीन हिंसक झड़प: बीजिंग में चीनी मंत्री और भारतीय राजदूत ने की बैठक, दर्ज कराया विरोध

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नई दिल्ली। चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर भारत ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। 15-16 जून की रात दोनों देश की सेनाओं में बीच हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद होने के बाद अब भारत में चीन के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। दूसरी ओर इस घटना के बाद चीन के उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई ने भारतीय राजदूत विक्रम मिश्री से बीजिंग में मुलाकात की और हमले के पीछे भारतीय सैनिकों को जिम्मेदार बताया। बता दें कि हिंसक झड़प में 43 चीनी सैनिकों के भी हताहत होने की खबर है।

India-China violent clash meeting between Chinese minister and Indian ambassador in Beijing lodged protest

सीमा पर बढ़े तनाव को कम करने के लिए अब दोनों देशों के राजनेताओं और उच्च अधिकारियों के बीच बैठक शुरू हो गई है। मंगलवार को उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई और चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिश्री की मुलाकात के अलावा मेजर जनरल स्तर की बातचीत भी हुई। बता दें कि इस बातचीत की गुजारिश चीन की तरफ से की गई थी। इस बीच चीन का आरोप है कि 15 जून को दो देशों की सेना के बीच हिंसक झड़प के पहले भारतीय सेना ने अवैध गतिविधियों के लिए सीमा रेखा पार किया और चीनी कर्मियों को भड़काया। चीन का दावा है कि भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों पर हमला किया जिसके बाद यह घटना घटी।

विक्रम मिश्री ने दी ये जानकारी
भारतीय राजदूत विक्रम मिश्री ने बताया कि बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय में एक बैठक हुई जिसमें सोमवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर क्या हुआ, इस पर चर्चा की गई। यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने विरोध दर्ज कराया है, तो विक्रम मिश्री ने कहा, हां बैठक में इस बात का उल्लेख किया गया था। विक्रम मिश्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में उन्हें तलब नहीं किया गया था। विक्रम मिश्री से पूछा गया कि क्या उन्हें चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा तलब किया गया था, तो उन्होंने कहा 'तलब' एक गलत शब्द है।

बता दें कि लद्दाख की गैलवान घाटी में हिंसक हमले में भारतीय सेना के जवानों की शहादत से पूरे देश में गुस्सा है। भारतीय सूत्रों के मुताबिक चीन के भी 43 जवान मारे गए हैं या तो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआत में, भारतीय सेना ने कहा कि एक अधिकारी और दो सैनिक मारे गए। बाद में भारतीय सेना ने बयान में बताया कि 15-16 जून की रात भारत-चीन की झड़प हुई थी, लाइन ऑफ ड्यूटी पर 17 भारतीय टुकड़ियां जख्मी हुई हैं। वहीं, उप-शून्य तापमान में हमारे जवान देश की सुरक्षा के लिए शहीद हुए हैं, जिनकी संख्या 20 है। भारतीय सेना राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।

यह भी पढ़ें: भारत-चीन सेना के बीच झड़प और मौत पर UN चीफ गुटेरेस ने जताई चिंता, दोनों देशों से की ये अपील

English summary
India-China violent clash meeting between Chinese minister and Indian ambassador in Beijing lodged protest
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