चीनी लड़ाकू विमान ने P-8 का रोका रास्ता तो भड़का ऑस्ट्रेलिया, कहा- आगे बर्दाश्त नहीं करेंगे
एक चीनी लड़ाकू जेट के आक्रमक युद्धाभ्यास ने ऑस्ट्रेलियाई टोही विमान के चालक दल को खतरे में डाल दिया। चीनी लड़ाकू विमान दक्षिण चीन सागर के आसपास के इलाके में गश्त कर रहा था।
सिडनी, 05 जूनः एक चीनी लड़ाकू जेट के आक्रमक युद्धाभ्यास ने ऑस्ट्रेलियाई टोही विमान के चालक दल को खतरे में डाल दिया। चीनी लड़ाकू विमान दक्षिण चीन सागर के आसपास के इलाके में गश्त कर रहा था। इसे लेकर ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने चीन को कड़ी फटकार लगाई है। यह घटना 26 मई की है।

रक्षा मंत्रालय ने किया दावा
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि जब टोही विमान दक्षिण चीन सागर में इंटरनेशन एयरस्पेस की निगरानी उड़ान पर निकले तो चीनी लड़ाकू विमान ने उसके मार्ग को बाधित करने की कोशिश की। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा है कि जब इंटरनेशन एयरस्पेस में चीनी वायुसेना के विमान जे-16 ने नियमित गश्त पर गए उसके समुद्री निगरानी विमान पी-8ए पोसाइडन को खतरनाक ढंग से बाधित किया।

चीनी विमान ने छोड़ा मलबा
रक्षा मंत्री ने कहा कि चीनी जे-16 विमान ने आग की लहर के साथ एल्मुनियम का तीक्ष्ण मलबा छोड़ा जो कि एक ऑस्ट्रेलियाई विमान में इंजन में प्रवेश कर गया। चीनी विमान की यह हरकत कहीं से सही नहीं है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम चाहेंगे कि इस घटना की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज ने कहा कि उनकी सरकार ने इस मुद्दे को बीजिंग सरकार के साथ उठाया है। उन्होंने कहा कि यह कहीं से उचित नहीं था। हमारा विमान अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक नौवहन की स्वतंत्रता के अधिकार का उपयोग कर रहा था।

इंजन को हो सकता है नुकसान
सैन्य विमान उड़ान के साथ मलबा छोड़ते हैं। ये आम तौर पर एल्यूमीनियम या जस्ता के छोटे-छोटे कण होते हैं। कभी-कभी जानबूझकर विमानों को भ्रमित करने के लिए या जबावी उपाय के लिए इसका उपयोग किया जाता है। यह एक जेट इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है। जेट इंजन के ब्लेड छोटे-छोटे धातु के टुकड़े से टूट सकते हैं और इससे इंजन में आग लग सकती है।

बीजिंग की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस कथित घटना पर रविवार को बीजिंग की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बताते चलें कि इससे पहले अमेरिका के ईपी-3 निगरानी विमान और चीनी नौसेना के एक विमान के बीच वर्ष 2001 में टक्कर हो गई थी जिसमें चीनी पायलट की मौत हो गई थी। इसके बाद चीन ने अमेरिकी विमान के चालक दल को 10 दिन तक हिरासत में रखा था।












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