• search

चीन में 10 लोगों को सरेआम मौत की सज़ा, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    चीन के एक शहर में अपराधियों को सरेआम मौत की सज़ा देने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गयी है.

    दक्षिण प्रांत ग्वांगडोंग के शहर लुफेंग में इन अपराधियों को एक स्टेडियम में 10 अपराधियों को हज़ारों लोगों के सामने गोली मार दी गयी. इस हफ़्ते शहर की एक अदालत ने 12 लोगों को सज़ा देते हुए इसे देखने के लिए स्थानीय स्टेडियम में लोगों को बुलाया. इसमें हज़ारों लोगों ने भाग लिया.

    चीनी कहते हैं, 'भारत में है करुणा की कमी'

    'हिन्दू राष्ट्रवाद से चीन-भारत में जंग का ख़तरा'

    ग्वांगडोंग में बढ़ रहे हैं ऐसे मामले

    न्यूज़ वेबसाइट द पेपर ने बताया कि इनमें से 10 लोगों को ड्रग तस्‍करी के लिए मौत की सज़ा दी गयी. अदालती फ़ैसले में इन्हें फौरन सज़ा देने को कहा गया. इसके बाद उन्हें तुरंत ही स्टेडियम में ले जा कर मौत की सज़ा दे दी गयी.

    आज के चीन में सार्वजनिक सज़ा नहीं दी जाती है, लेकिन यह दक्षिणी ग्वांगडोंग के तटीय इलाकों में इस तरह की घटनाएं रफ़्तार पकड़ रही हैं.

    जून में भी लुफेंग शहर अंतरराष्ट्रीय सुर्ख़ियों में था. तब स्थानीय अदालत के 18 लोगों के लिए सज़ा का एलान करने के साथ ही आठ लोगों को मौत की सज़ा दे दी गयी थी.

    ख़ास कर पिछले कुछ महीनों में, ग्वांगडोंग सरकार ड्रग्स को लेकर अपनाए गए अपने रुख के लिए ऑनलाइन बहुत चर्चा में रही है.

    नवंबर में ग्वांगडोंग डेली ने जियेंग में सार्वजनिक रूप से सज़ा दिए जाने की तस्वीर शेयर की थी. सार्वजनिक रूप से सज़ा दिए जाने के दौरान क़रीब एक हज़ार आम लोग मौजूद थे.

    सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

    16 दिसंबर को हुई सुनवाई को मोबाइल मैसेंजर वी-चैट के ज़रिए काफ़ी लोगों के बीच शेयर की गयी. इसके अलावा इस फ़ैसले को कई सोशल मीडिया सीना विबो और यूट्यूब जैसी वीडियो वेबसाइट मियाओपाई पर शेयर किया गया.

    शनिवार को बीजिंग न्यूज़ के सुनवाई की फुटेज को पोस्ट करने के बाद से इसे 10 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है.

    इसमें यह दिख रहा है कि अपराधियों को सशस्त्र गार्ड्स ने घेर रखा है, जो उन्हें वहां बने एक ऊंचे प्लेटफॉर्म पर एक एक कर ले जा रहे हैं. इस वीडियो में यह भी साफ़ दिख रहा है कि घटना को हज़ारों लोगों की आबादी वहां खड़े हो कर देख रही है.

    सज़ा के एलान के बाद उन्हें सुरक्षा गार्ड पुलिस जीप के पीछे एक और प्लेटफ़ॉर्म पर ले जाते हैं जहां से उन्हें कहीं और ले जाया जाता है. इनमें से कुछ को सीधे फ़ायरिंग रेंज ले जाया गया.

    इन्हें सज़ा हत्या, लूटपाट और ड्रग्स से जुड़े अपराधों में दी गयी, लेकिन अख़बार ने केवल यह बताया कि जिन्हें ड्रग्स तस्करी में लिप्त पाया गया उन्हें ही तुरंत मौत की सज़ा दी गयी.

    इस वीडियो की मानवाधिकार कार्यकर्ता और ऑनलाइन यूजर्स तीखी आलोचना कर रहे हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल के विलियम नी ने ट्विटर पर लिखा, "चीनी प्रशासन ने एक बार फिर मानव जीवन और उसके गरिमा के साथ बहुत भद्दा बर्ताव किया है."

    सीना वेइबो पर कई लोगों ने कहा कि यह वीडियो उन्हें बीते युग की याद दिला रहा है.

    कुछ ऑनलाइन यूज़र्स ने इतनी आसानी से मौत की सज़ा दिये जाने को लेकर अपने आवाज़ उठाए हैं.

    कुछ ऐसी भी घटनाएं सामने आयी हैं जिसने पुलिस को यह मानने के लिए मजबूर कर दिया कि मौत की सज़ा में कुछ निर्दोष लोग भी मारे गये हैं. जैसा कि नी शुबिन के मामले में हुआ था.

    चीन में दुनिया के किसी भी देश से अधिक फ़ांसी की सज़ा दी जाती है. इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है लेकिन व्यापक रूप से यह माना जाता है कि यह संख्या हज़ारों में है.

    एमनेस्टी इंटरनेशनल
    AFP
    एमनेस्टी इंटरनेशनल

    लुफेंग है ड्रग्स का अड्डा

    हालांकि कि कुछ ऐसे भी ऑनलाइन यूज़र्स हैं जो इस तरीके को बर्बर होने के बावजूद शहर के हालात को देखते हुए ज़रूरी मानते हैं.

    लुफेंग केटामाइन और क्रिस्टल मेथैम्फ़ेटामाइन उत्पादों का अड्डा माना जाता है, जिसमें से अधिकांश पूर्वी एशिया और एशिया पैसिफ़िक के इलाक़ों में तस्करी की जाती है.

    2014 से लुफेंग को "द सिटी ऑफ़ आइस" के रूप में जाना जाता है. इसके एक गांव बोशे को को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में "द ब्रेकिंग बैड विलेज़" के रूप में जाना जाता है. और इसने अपनी इस साख को मिटाने के लिए कुछ भी नहीं किया.

    मार्च में चीन नेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल कमीशन ने मीडिया से कहा कि 2016 में चीन में जो ड्रग्स पकड़े जा रहे हैं उसमें मेथैम्फ़ेटामाइन और केटामाइन उत्पादों में 106 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

    चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिनहुआ ने कहा कि इस साल नवंबर में इस क्षेत्र में ड्रग्स उत्पाद और इसकी तस्करी में बढ़ोतरी हुई है.

    इसका कहना है कि, "चीन में इस्तेमाल किये जा रहे एक तिहाई मेथैम्फ़ेटामाइन बोश और इसके आस पास के गांवों में पैदा किये जाते हैं, जहां हर पांचवा परिवार इसके उत्पाद में लगा है."

    इसमें बताया गया कि पुलिस ने इस साल जनवरी और अक्तूबर के बीच केवल इसी इलाके में 13 हज़ार ड्रग्स मामले सुलझाये हैं और 10 टन ड्रग्स जब्त भी किये हैं.

    (बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फ़ेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Chinese death sentence for 10 people in China debates over social media

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X