Chinese Cyber Mafia: चीनी माफियाओं के चंगुल से भागे 500 भारतीय थाईलैंड में गिरफ्तार, क्या कर रही सरकार?
Chinese Cyber Mafia: थाईलैंड में 500 से ज्यादा भारतीय अवैध रूप से घुसे और अब वहां की पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। ये सभी भारतीय एक साइबर अपराध केंद्र से भाग निकले थे। इन सभी के मुताबिक ये चीन के साइबर माफियाओं के जाल में बुरी तरह फंस चुके हैं और अब जान बचाकर थाईलैंड में घुस गए। रोजगार की तलाश में भटक रहे इन लोगों के तस्करी कर म्यांमार पहुंचाया गया जहां केके पार्क इलाके में ये चीनी साइबर माफियाओं के चंगुल में फंस गए।
केके पार्क पर म्यांमार सेना की कार्रवाई
म्यांमार की सेना ने पिछले हफ्ते से केके पार्क साइबर अपराध परिसर के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया था। इस अभियान के कारण बड़ी संख्या में लोग, जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे, थाईलैंड के सीमावर्ती शहर माए सोट में भाग गए।

सीमा पर फंसे हजारों लोग
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, 28 देशों के 1,500 से अधिक लोग भाग गए हैं और अब थाईलैंड में उनकी देखभाल की जा रही है। म्यांमार का केके पार्क सीमा पार साइबर घोटालों में अपनी संलिप्तता के लिए कुख्यात है।
म्यांमार बना चीनी गिरोहों गढ़
केके पार्क और आसपास के अन्य परिसर चीनी आपराधिक गिरोहों द्वारा चलाए जाते हैं। इनकी रखवाली म्यांमार की सेना से जुड़े स्थानीय मिलिशिया समूह करते हैं। कोविड-19 महामारी के बाद से थाईलैंड, म्यांमार, लाओस और कंबोडिया के बीच का सीमावर्ती क्षेत्र ऑनलाइन धोखाधड़ी के केंद्र के रूप में उभरा है
म्यांमार में छापेमारी और भागे तस्कर मजदूर
पिछले हफ्ते म्यांमार में जुंटा द्वारा छापा मारने के बाद लगभग 700 तस्करी किए गए मजदूर, जिनमें भारतीय भी शामिल थे, चीनी माफिया-संचालित केके पार्क परिसर से भाग निकले। इनमें से कई लोग सीमा पार कर थाईलैंड पहुंचे सैकड़ों लोगों को थाई अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है।
थाईलैंड के प्रधानमंत्री का बयान
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने बताया कि भारत अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए एक विमान भेजने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि ये सभी भारतीय नागरिक म्यांमार में चीनी माफिया द्वारा संचालित साइबर अपराध केंद्र में काम करने के धोखे का शिकार हुए थे।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि मंत्रालय थाईलैंड में हिरासत में लिए गए भारतीयों की स्थिति की जानकारी मिली है और उन्हें घर वापस लाने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
जायसवाल ने कहा, "हमें उन भारतीय नागरिकों की जानकारी है जिन्हें थाई अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। वे पिछले कुछ दिनों में म्यांमार से थाईलैंड आए थे। थाईलैंड में हमारा मिशन थाई अधिकारियों के साथ मिलकर उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि करने और थाईलैंड में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें वापस भेजने के लिए काम कर रहा है।"
भारत-थाईलैंड अधिकारियों की बैठक
थाई प्रधानमंत्री अनुतिन ने बताया कि भारतीय राजदूत आज इमीग्रेशन चीफ से मुलाकात करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य लगभग 500 भारतीय नागरिकों की कानूनी सत्यापन प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि उनकी भारत वापसी की उड़ान की तैयारी की जा सके।
ये भी पढ़ें: APEC Summit: जिनपिंग के आगे ट्रंप ने कर दिया सरेंडर? पर्दे के पीछे हुई डीलों की एक्सपर्ट ने खोली पोल!
भारत का रुख और थाई सहयोग
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अनुतिन ने कहा, "भारत ने थाईलैंड से सहयोग मांगा है। वे नहीं चाहते कि यह हम पर बोझ बने। वे इन पीड़ितों को लेने के लिए एक विमान भेजेंगे। विमान सीधे माए सोट में उतरेगा।"
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications