सिनोफॉर्म की Covid Vaccine चीन में सिर्फ 79% असरदार, UAE में 86% आए थे नतीजे
बीजिंग। Chinese Covid Vaccine: चीन की जिस कम्पनी की कोविड वैक्सीन को बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश मंजूरी दे चुके हैं उसे अपने ही देश चीन में अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। दरअसल ये वैक्सीन चीन में ट्रायल नतीजों में कम सफल पाई गई है। नेशनल बॉयोटेक ग्रुप (CNBG) द्वारा निर्मित Covid-19 वैक्सीन चीन में तीसरे चरण के ट्रायल में 79.34 प्रतिशत ही असरदार पाई गई है। सीएनबीजी वही कंपनी है जिसे सिनोफार्म के नाम से जाना जाता है। इसी कम्पनी की वैक्सीन को इस महीने बहरीन और यूएई ने मंजूरी दी है।

दरअसल सिनोफॉर्म ने जो वैक्सीन बनाई है उसके नतीजे यूएई में अलग आए हैं जबकि चीन में कुछ और परिणाम आए हैं। यूएई और बहरीन में इस वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी गई थी। यही नहीं यूएई के प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतौम ने 3 नवम्बर को तीसरे फेज के ट्रायल के तहत इस कोरोना वायरस की वैक्सीन की डोज भी ली थी।
बहरीन ने भी दी है मंजूरी
इसके बाद दिसम्बर में बहरीन ने इस वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी थी। तब बहरीन ने मंजूरी के पीछे वैक्सीन के प्रभावी होने को मुख्य वजह बताया था। बहरीन के नियामक ने बताया था कि तीसरे चरण के लिए बहरीन में 7700 लोगों ने वालंटियर किया था। इस दौरान वैक्सीन 86% प्रतिशत असरदार पाई गई थी। पहले चरण में इस वैक्सीन को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ये वैक्सीन देने की बात कही गई थी।
लेकिन अब कंपनी ने चीन में तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के जो नतीजे बताए हैं उनमें और अरब देशों में आए कंपनी के नतीजों में काफी अंतर देखा गया है। कंपनी के प्रवक्ता ने नतीजों में इस अंतर के बारे में कुछ भी साफ नहीं बताया और कहा कि जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। हालांकि इसके लिए कंपनी ने कोई समय सीमा नहीं बताई।
अलग-अलग नतीजों से बढ़ी चिंता
स्वास्थ्य विशेषज्ञ वैक्सीन के अलग-अलग नतीजों को लेकर चिंता जता रहे हैं। एक दिन पहले ही तुर्की ने चीन की सिनोवॉक कंपनी की कोविड-19 वैक्सीन के बारे में कहा था कि अंतरिम ट्रायल नतीजों में ये वैक्सीन 91 प्रतिशत असरदार पाई गई है जबकि इसी वैक्सीन को लेकर ब्राजील ने कहा था कि यह 50 से 90 प्रतिशत के बीच असरदार है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग देश में निर्मित इन वैक्सीन को लोगों के लिए सुरक्षित बताते रहे हैं। चीन ने ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे देशों में वैक्सीन पहुंचाने के लिए डील भी की है जो कि दक्षिणी अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया में सर्वाधिक आबादी वाले देश हैं। बावजूद इसके अभी तक चीनी कंपनियों ने अपनी वैक्सीन को लेकर विस्तृत रिपोर्ट नहीं जारी की है। जबकि अमेरिका और यूरोप की कंपनियों ने वैक्सीन को लेकर कई चरणों में जानकारी सार्वजनिक की है।












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