भारतीय सीमा पर नजर रखने वाले कमांडर को प्रमोशन, शी जिनपिंग ने खास पद से नवाजा
लद्दाख में भारतीय सीमा पर नजर रखने वाले कमांडर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रमोशन देकर जनरल बना दिया है।
बीजिंग, जुलाई 06: भारतीय सीमा पर नजर रखने वाले कमांडर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बेहद खास इनाम दिया है। भारतीय सीमा पर नजर रखने से लेकर भारतीय सीमा पर हो रही गतिविधियों की एक एक खबर देने वाले पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी यानि पीएलए के कमांडर शु क्यूलिंग को जनरल पद से नवाजा गया है। बताया जा रहा है कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध जारी रखने के बीच शी जिनपिंग ने अपने खास कमांडर को जनरल बना दिया है।

कमांडर को बनाया जनरल
चीन की सरकारी अखबर शिन्हुआ की खबर के मुताबिक तीन और अधिकारियों को भी शी जिनपिंग ने जनरल बना दिया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक 58 साल के शु क्यूलिंग चीन के केन्द्रीय सैन्य आयोग यानि सीएमसी के अध्यक्ष भी हैं, लेकिन अब उन्हें जनरल बना दिया गया है, जो चीन की सेना में अधिकारियों के लिए सर्वोच्च रैंक है। आपको बता दें कि शु क्यूलिंग पहले लेफ्टिनेंट जनरल थे, जिन्हें पिछले साल जून में वेस्टर्न थिएटर कमांड का कमांडर बनाया गया था। आपको बता दें कि उसी वक्त भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनाव काफी चरम पर था। बताया जाता है कि शु क्यूलिंग हमेशा से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पसंदीदा अधिकारियों में से एक रहे हैं।

कुछ और अधिकारियों को प्रमोशन
शु क्यूलिंग को कमांडर से जनरल बनाने के अलावा तीन और अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की सेना में जिन तीन और अधिकारियों को जनरल बनाया गया है, उनमें सदर्न थियेटर कमांड के वांग श्यूबिन, पीएलए के कमांडर लियु झेनली और पीएलए के स्ट्रैटजिक सपोर्ट (मिसाइल) के कमांडर जू क्वानशेंग शामिल हैं। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को सीएमसी के एक कार्यक्रम में इन चारों अधिकारियों को प्रमोशन का सर्टिफिकेट दिया गया है।

जारी है भारत-चीन के बीच तनाव
आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच तनाव लगातार जारी है, हालांकि, चीन की सेना कई इलाकों से पीछे जरूर हटी है लेकिन अभी भी हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देप्सांग में चीनी सेना मौजूद है और पीछे हटने से इनकार कर रही हैं। भारत लगातार चीन पर इन तीनों इलाकों से अपनी सेना को पीछे हटाने के लिए दबाव बना रहा है। सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अभी भी एलएसी पर दोनों देशों की करीब 50 हजार से 60 हजार सेना के जवान मौजूद हैं। अभी तक दोनों देशों के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन चीन की सेना इन इलाकों से पीछे नहीं हटी है।












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