शी जिनपिंग ने चीन की सेना को दिए युद्ध की तैयारियां बढ़ाने के आदेश, LAC पर तनाव बरकरार
बीजिंग। लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत के साथ तनाव के बीच ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेनाओं को युद्ध की तैयारी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। जिनपिंग ने सेनाओं को कहा है कि वह सबसे बुरी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियों को बढ़ाए। इसके साथ ही जिनपिंग ने सेनाओं से यह भी कहा है कि वह पूरी तरह से चीन की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर पल तैयार रहें।
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ट्रेनिंग में तेजी लाने के निर्देश
66 साल के जिनपिंग चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के जनरल सेक्रेटरी हैं। इसके अलावा वह दो मिलियन की क्षमता वाली चीनी सेनाओं के मुखिया भी हैं। जिनपिंग ने यह आदेश उस समय दिया जब वह पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स के प्रतिनिधिदल से मुलाकात कर रहे थे। जिनपिंग ने संसद सत्र के दौरान मिलिट्री लीडर्स से मुलाकात की है। शी जिनपिंग ने मिलिट्री से कहा है कि वह सबसे बुरी स्थिति को ध्यान में रखते हुए ट्रेनिंग और युद्धक तैयारियों को बढ़ाएं, हर प्रकार की जटिल स्थितियों से प्रभावी तरीके से निबटे और राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा करें। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की तरफ से यह जानकारी दी गई है।

भारत और चीन के बीच 3500 किमी लंबी LAC
जिनपिंग ने देश पर मौजूद किसी विशेष खतरे के बारे में कोई भी जिक्र नहीं किया है। जिनपिंग ने यह आदेश ऐसे समय में दिया है जब लद्दाख और सिक्किम में एलएसी पर सेनाओं का भारी जमावड़ा है। साल 2017 में डोकलाम विवाद में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने थीं। करीब तीन वर्ष बाद दोनों देशों के बीच फिर से तनाव की स्थिति है। दो हफ्तों से एलएसी पर सेनाएं इकट्ठा हैं और इस जमावड़े के बाद सबकुछ सामान्य होने के दावे गलत लगने लगते हैं। भारत और चीन के बीच करीब 3500 किलोमीटर लंबी एलएसी है और कई दशकों से यह तनाव का विषय बनी हुई है।

भारत से तीन गुना ज्यादा रक्षा बजट
अमेरिका के बाद चीन मिलिट्री पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश है। 22 मई को चीन ने अपना रक्षा बजट पेश किया है और इस वर्ष रक्षा बजट में करीब 6.6 प्रतिशत का इजाफ किया गया है। अब चीन का रक्षा बजट 179 बिलियन डॉलर है और यह भारत के रक्षा बजट के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा है। लेकिन कई बिलियन डॉलर वाला यह रक्षा बजट पिछले कई दशकों में आया सबसे कम डिफेंस बजट है। कहा जा रहा है कि इस पर महामारी का खासा असर पड़ा है।

अमेरिका ने भी चीन को घेरा
चीन के लिए हालांकि पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका भी परेशानी का सबब बना हुआ है। यूएस नेवी लगातार विवादित साउथ चाइना सी और ताइवान स्ट्रेट्स पर गश्त कर रही है। इसके अलावा कोरोना वायरस को लेकर भी अमेरिका और चीन के बीच शब्दों की जंग जारी है। रविवार को चीन के विदेश मंत्री वांग वाई ने महामारी के लिए चीन को दोषी ठहराने पर अमेरिकी राजनेताओं की आलोचना की है। वांग वाई ने कहा कि अमेरिका संबंधों को 'शीत युद्ध' के मुहाने पर लेकर जा रहा है।












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