25 वर्षों में सबसे खराब हालत में चीन, भारत उठा सकता है फायदा!
बीजिंग। कई सालों से फुल स्पीड में दौड़ने वाली चीन की अर्थव्यवस्था पर अब लग रहा है मानो ब्रेक लग चुका है। इा देश की जीडीपी जो दुनिया के सामने कभी मिसाल थी अब 25 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर आ गई है। चीन की जीडीपी दर वर्ष 2014 में 7.3 प्रतिशत थी। यह 2015 में 6.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

बताया जा रहा है कि इसके साथ ही चीन की ग्रोथ रेट 25 सालों के निचले स्तर पर आ गई है। चीन की यह जीडीपी भारत के लिए एक अच्छा संकेत साबित हो सकती है।
अगर भारत चाहे तो इसका फायदा उठाकर कंपनियों को अपने यहां व्यापार के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इस देश की अर्थव्यवस्था की धीमी चाल निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। आधिकारिक तौर पर 2015 में चीन की जीडीपी ग्रोथ रेट का लक्ष्य सात फीसदी तय किया था।
वहीं चीन केप्रधानमंत्री ली केकियांग ने धीमी विकास दर को स्वीकार करते हुए कहा है कि देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है।
चीन के शेयर बाजार में लगातार गिरावट का रुख है। इसकी वजह से बाजार एक साल के निचले स्तर पर आ गए। दुनियाभर के निवेशकों ने पिछले छह महीने में करीब 600 अरब डॉलर बाजार से निकाल लिए हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन पर कर्ज उसके जीडीपी के अनुपात में 150 फीसदी से बढ़कर 250 फीसदी हो गया है। इसकी वजह से भी अर्थव्यवस्था पर दबाव बन रहा है।
आपको बता दें कि हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में इस बात की उम्मीद जताई गई थी कि भारत सालाना सात फीसदी की वृद्धि दर हासिल करेगा। वहीं अगले 10 वर्षो में भारत दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बन सकता है।












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