भारतीय सेना के हाथों मारे गए अपने जवान को सम्मानित करेगा चीन, गलवान झड़प में गई थी जान
बीजिंग, 31 मई। पिछले साल 16 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हुए हिंसक झड़प में मारे चीनी सैनिक को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि 1 जुलाई को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की स्थापना को 100 साल पूरे हो रहे हैं। चीन की स्थानीय मीडिया को मुताबिक इस दिन पार्टी के सदस्यों सम्मानित किया जाएगा जिसमें उस सैनिक का भी नाम शामिल है जो जून 2020 में भारतीय सेना के हाथों मारा गया था।

पीपल लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सीमा रक्षा रेजिमेंट के तहत मोटर चालित पैदल सेना बटालियन के कमांडर, 30 वर्षीय चेन होंगजुन, गालवान घाटी में मारे गए चार चीनी सैनिकों में से थे। गलवान संघर्ष के कई महीनों बाद चीन सरकार ने इस साल यानी फरवरी 2021 में एक विवरण साझा किया था जिसमें मारे गए अन्य तीन सैनिकों चेन जियांगरोंग, जिओ सियुआन और वांग झुओरन की जानकारी दी गई थी। सोमवार को चीनी मीडिया में बताया गया कि कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 100वीं वर्षगांठ पर 29 लोगों को सम्मानित किया जाएगा जिसमें से एक नाम मारे गए कमांडर चेन होंगजुन का भी है।
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बता दें कि जिन 29 लोगों को सम्मानित किया जाएगा उनमें युद्ध नायक, वैज्ञानिक, सामुदायिक कार्यकर्ता, कलाकार, राजनयिक और राष्ट्रीय एकता के लिए काम करने वाले लोगों सहित शिक्षक और पुलिस के लोग भी शामिल हैं। इस लिस्ट में भारतीय सेना के हाथों अपनी जान गंवाने वाले चीनी सैनिक चेन होंगजुन भी शामिल हैं। बता दें कि भारत ने हमेशा चीन के आरोपों का खंडन किया है जिसमें उसने कहा था कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय सैनिकों ने हिंसा भड़काई। इस हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान भी शहीद हो गए थे।












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