जनसंख्या नियंत्रण कानून बना चीन के गले की फांस, भविष्य में भारत से होगा नुकसान- चीनी बैंक की रिपोर्ट
चीन को अगर भविष्य में भारत और अमेरिका से मुकाबला करना है तो उसे जनसंख्या नियंत्रण कानून को पूरी तरह से खत्म करना होगा।
बीजिंग, अप्रैल 16: अगर भविष्य में भारत से मुकाबला करना है तो चीन को फौरन जनसंख्या नियंत्रण को लेकर लगाए गये सभी कानूनों को खत्म कर देना चाहिए। अगर चीन चाहता है कि वो आगे चलकर यंग इंडिया से जनसंख्या की दृष्टि से भारत का मुकाबला करे और अमेरिका से आर्थिक क्षेत्र में मुकाबला करे तो चीन को जनसंख्या नियंत्रण को लेकर लगाए गये सभी कानूनों को खत्म करना होगा। चीन के सेन्ट्रल बैंक ने चीन के विकास को लेकर ये रिपोर्ट पेश की है, जिसमें बताया गया है कि चीन धीरे धीरे बूढ़ों का देश बनता जा रहा है और अगर चीन में जनसंख्या नियंत्रण कानून को पूरी तरह से खत्म नहीं किया तो वो विकास के हर पैमाने पर पिछड़ जाएगा।

चीन की सेन्ट्रल बैंक की रिपोर्ट
चीन की सेन्ट्रल बैंक द्वारा जारी वर्किंग पेपर रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में बड़ी संख्या में आबादी का बूढ़ा होना खतरे की घंटी है। इस रिपोर्ट में भारत और अमेरिका को चीन के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है की चीन की बूढ़ी आबादी भारत की जवान जनसंख्या से मुकाबला करने में नाकामयाब हो जाएगी। चीन की सेन्ट्रल बैंक ने चीन की कम्यूनिस्ट सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत और अमेरिका से भविष्य में मुकाबला करना है तो चीन में फौरन जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बनाए सभी कानूनों को खत्म कर देना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक चीन की जनसंख्या दर लगातार कम होती जा रही है लिहाजा चीन की सरकार को 'एक बच्चा कानून' फौरन खत्म कर देना चाहिए। आपको बता दें कि चीन में वन चाइल्ड पॉलिसी 1970 में बनाया गया था और 2016 में वन चाइल्ड पॉलिसी को शर्तों के साथ हटा लिया गया था। हालांकि, शर्तों के साथ दो बच्चों की इजाजत देने से भी चीन को अभी तक कोई फायदा नहीं हुआ है और 2019 में चीन में बर्थ रेट प्रति हजार में घटकर 10.48 हो गया है।

‘बढ़ानी होगी चीन की जनसंख्या’
चीन की सेंन्ट्रल बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन को भविष्य के बारे में सोचते हुए खासकर 2035 को लेकर सोचते हुए लोगों को ज्यादा संख्या में बच्चों को जन्म देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सरकार को महिलाओं को प्रसव के समय होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाने के लिए अभियान चलाना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में बच्चों को लेकर सरकार को नीति बनानी चाहिए, जिसमें बच्चों के जन्म, उनका पालन पोषण, मां की सुरक्षा, बच्चों की पढ़ाई को भी चीन की सरकार को ध्यान में रखना चाहिए।

भारत और अमेरिका से मुकाबला
चीन की सेन्ट्रल बैंक की रिपोर्ट में भारत और अमेरिका को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है और माना जा रहा है कि सेन्ट्रल बैंक ने ये रिपोर्ट भारत और अमेरिका से भविष्य में होने वाले संभावित मुकाबले को लेकर ही तैयार की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और चीन की आबादी में अब काफी कम अंतर बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन की अर्थव्यवस्था का विकास भारत के मुकाबले कई सालों तक तेजी से होने की संभावना जताई गई है, लेकिन इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि देर से ही सही लेकिन भारत को अपनी जवान आबादी का फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं, इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि कुछ सालों में चीन अर्थव्यवस्था के लिहाज से अपनी बूढ़ी आबादी के साथ अमेरिका का मुकाबला करने लायक ही नहीं रह जाएगा।












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