चीन ने दो उइगर उच्चाधिकारियों को दी मौत की सजा, शिक्षा विभाग का अध्यक्ष शामिल, धार्मिक कट्टरता फैलाने का आरोप
चीन ने उइगर मुस्लिमों के दो पूर्व उच्चाधिकारियों को देश से बगावत करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है।
बीजिंग: उइगर मुस्लिमों को लेकर भले ही दुनियाभर में चीन की आलोचना की जा रही हो लेकिन उससे चीन कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अमेरिका और ब्रिटेन की सख्ती के बाद भी चीन ने दो उइगर मुस्लिम नेताओं को मौत की सजा सुना दी है। ये दोनों उइगर मुस्लिम नेता चीन के पूर्व सरकारी अधिकारी भी थे लेकिन इन दोनों को चीन की सरकार ने उइगरों के पक्ष में आवाज उठाने के जुर्म में मौत की सजा सुनाई है।

बड़े पूर्व अधिकारियों को फांसी
दो उइगर पूर्व सरकारी अधिकारयों को चीन के शिनजियांग प्रांत में मौत की सजा सुनाई गई। इन दोनों पूर्व उइगर सरकारी अधिकारियों के ऊपर चीन में रहते हुए अलगाववादी हरकतों को अंजाम देने का आरोप था। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के शिनजियांग प्रांत के कोर्ट ने दोनों पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा सुना दी है। चीन इस वक्त उइगर मुस्लिमों को लेकर पूरी दुनिया में आलोचना का सामना कर रहा है और उसके ऊपर दवाब भी बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि चीन का प्रशासन उइगर मुस्लिमों के साथ इंसानो जैसा सलूक करे, लेकिन चीन के ताजा फैसले ने साबित कर दिया है कि ग्लोबल फैसले से चीन पर फर्क नहीं पड़ता है।

लगाए गये थे कई आरोप
शिरज़ात बावुदुन, जो चीन के शिनजियांग प्रांत के जस्टिस डिपार्टमेंट के पूर्व चीफ थे उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है। पिछले दो साल से शिरज़ात बावुदुन के खिलाफ मुकदमा चल रहा था और अब उन्हे मौत की सजा सुना दी गई है। शिनजियांग वेबसाइट की रिपोर्ट के मुकाबिक शिरज़ात बावुदुन को देश से बगावत करने के जुर्म में दोषी ठहराया गया है। शिनजियांग हायर पिपल्स कोर्ट के वाइस प्रेसीडेंट वांग लांगटाओ ने कहा है कि शिरज़ात बावुदुन ने आतंकवादी संगठन के साथ मिलकर देश के खिलाफ साजिश रची, घूस लिया और उसने चीन में संप्रदायवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की। (फाइल तस्वीर)

आतंकी संगठन से संबंध का आरोप
शिरज़ात बावुदुन पर चीन में आतंकी संगठनों को मदद देने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। शिनजियांग वेबसाइट के मुताबिक शिरज़ात बावुदुन ने इस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मुवमेंट यानि ईटीआईएस, जिसे यूनाइटेड नेशंस ने आतंकी सगंठन घोषित किया हुआ है, उस संगठन से संबंध बना रखा था। वहीं, चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक शिरज़ात बावुदुन ने 2003 में तुर्किस्तान इस्लामिक मुवमेंट के किसी खास सदस्य से मुलाकात की थी। वहीं, पिछले साल तुर्किस्तान इस्लामिक मुवमेंट को अमेरिका ने आतंकवादी संगठनों की लिस्ट से बाहर कर दिया था। अमेरिका ने कहा था कि इस संगठन के खिलाफ कुछ भी सबूत नहीं हैं, जिसके आधार पर इसे आतंकी संगठन करार दिया जाए।

शिक्षा विभाग के पूर्व प्रमुख को फांसी
शिरज़ात बावुदुन के अलावा चीन ने सत्तार सवात नाम के पूर्व शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी को भी मौत की सजा सुनाई है। सत्तार सवात शिनजियांग एजुकेशन डिपार्टमेंट के पूर्व डायरेक्टर हैं, जिन्हें धार्मिक उन्माद और घूस लेने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है। सत्तार सवात को अलगाववाद और मजहबी उन्माद को बढ़वा देने, आतंकवादी संगठन से संबंध रखने और धार्मिक कट्टरता को शिनजियांग के टेक्स्ट बुक में शामिल करने पर फांसी की सजा सुनाई है। इन दोनों को जल्द ही मौत दी जाएगी। वहीं आपको बता दें कि अमेरिक और ब्रिटेन दैसे देश लगातार चीन की उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के लिए आलोचना कर रहे हैं, लेकिन इससे चीन को को फर्क नहीं पड़ता है।












Click it and Unblock the Notifications