गलवान में हुई झड़प के बाद पहली बार चीनी मंत्री का भारत दौरा, आज राजनाथ सिंह से करेंगे मुलाकात
2023 में भारत के एससीओ की अध्यक्षता की थीम 'सिक्योर-एससीओ' है। भारत इस क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने में एससीओ को विशेष महत्व देता है।

चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। ये बैठक 28 अप्रैल को होगी। गलवान घाटी हिंसा के बाद यह पहला मौका है जब चीनी रक्षा मंत्री भारत आएंगे।
इसके पहले आज जनरल ली शांगफू भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। आज होने वाले वाली शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन की बैठक से पहले राजनाथ सिंह चीन के विदेश मंत्री से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बाइलैटरल रिलेशन्स पर चर्चा होगी।
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि राजनाथ सिंह और ली शांगफू के बीच होने वाली आज की बैठक में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। बीते हफ्ते भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर की 18वीं बैठक हुई थी।
यह बैठक ईस्टर्न लद्दाख के चुसुल-मोल्डो में हुई थी। दोनों ही पक्ष इस बात को लेकर राजी हुए थे कि सीमा पर आने वाले दिनों में टकराव से बचने के लिए एक दूसरे के बीच भरोसे को बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। लेकिन यह देपसांग मैदानों के विवादास्पद मुद्दे और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर डी-एस्केलेशन पर प्रगति करने में विफल रही।
रक्षा मंत्री अन्य मुद्दों के अलावा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा, एससीओ के भीतर आतंकवाद विरोधी प्रयासों और प्रभावी बहुपक्षवाद से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
चीनी रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अब चीनी स्टेट काउंसलर और रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू 27-28 अप्रैल से भारत की राजधानी नई दिल्ली में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की परिषद् की बैठक में भाग लेंगे।
चीनी रक्षा मंत्री से मिलने के अलावा भारतीय रक्षा मंत्री अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगू से भी मिल सकते हैं। रूसी रक्षा मंत्री ने आखिरी बार दिसंबर 2021 में पहली भारत-रूस 2 2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए भारत का दौरा किया था।












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