चीन की मीडिया ने कहा, भारत के लिए घमंडी रवैया होगा खतरनाक
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने दी चेतावनी कहा अगर भारत को नजरअंदाज किया या फिर उसके लिए घमंडी रवैया रखा तो फिर बड़ा खतरा हो सकता है। भारत की मैन्यूफैक्चरिंग ताकत पर आया है मीडिया का बयान।
बीजिंग। चीन की मीडिया ने देश को वॉर्निंग दी है कि अगर उसने भारत की बढ़ती मैन्यूफैक्चरिंग पावर के प्रति घमंडी रवैया रखा तो फिर यह उसके लिए काफी घातक साबित होगा। यह चेतावनी किसी और ने नहीं बल्कि चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने दी है।

भारत को नजरअंदाज न करें
ग्लोबल टाइम्स ने एक आर्टिकल में कहा है कि चीन को भारत की बढ़ती मैन्यूफैक्चरिंग प्रतिद्वंदिता पर ध्यान देना चाहिए। इस आर्टिकल में कहा गया है कि विद्वानों को इस बढ़ती दर के बारे में पता लगाना चाहिए कि यह सिर्फ क्षणिक है कि या फिर मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में वाकई बदलाव आने वाला है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक हालांकि यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगा कि भारत, मैन्यूफैक्चरिंग में चीन को रिप्लेस कर सकता है या नहीं क्योंकि थोड़े समय में एक पूरी इंडस्ट्री चेन को बनाना काफी मुश्किल है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक जनवरी में चीन को होने वाले भारत के निर्यात में 42 प्रतिशत का इजाफा था और इसे कई विशेषज्ञों ने नजरअंदाज कर दिया है। लेकिन चीन का यह घमंडी रवैया काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इस अखबार की मानें तो नोटबंदी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के सुस्त रहने के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र में 8.3 प्रतिशत का इजाफा एक बड़ी उपलब्धि है।
कुछ दिनों पहले भी आया था एक आर्टिकल
इससे पहले ग्लोबल टाइम्स ने लिखा था चीन ने भारत के विज्ञान और तकनीक के विशेषज्ञों को नजरअंदाज किया है और ऐसा करना एक गलती है। एक आर्टिकल में ग्लोबल टाइम्स ने जोर दिया कि चीन को अब अपने यहां क्रिएटिविटी को बरकरार रखने के लिए भारत के हाई-टेक टैलेंट को आकर्षित करना चाहिए। इसने लिखा था, 'चीन ने भारतीय कौशल को नजरअंदाज करके गलती की है और इसकी जगह पर अमेरिका और यूरोप से आने वाले कौशल को ज्यादा तरजीह दी।' ग्लोबल टाइम्स ने पिछले कुछ वर्षों में पहली बार भारत पर कोई सकारात्मक आर्टिकल लिखा था। इस आर्टिकल में आगे लिखा था, 'चीन शायद भारत से विज्ञान और तकनीक से जुड़े टैलेंट को आकर्षित करने के लिए जरूरी मेहनत नहीं कर रहा है।'












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