डोकलाम पर लोन की रिश्वत से चीन ने किया साफ इनकार, कहा फर्जी है खबर
डोकलाम मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन ने भारत को दिए 20 मिलियन डॉलर का लोन, चीन ने इस दावे को सिरे किया खारिज बताया फर्जी
नई दिल्ली। चीनी सोशल मीडिया पर जिस तरह से यह संदेश काफी तेजी से फैला कि डोकलाम मुद्दे पर चीन भारत को 20 मिलियन डॉलर का लोन देने के लिए तैयार हुआ, इसके बाद ही भारत ने डोकलाम से अपनी सेना पीछे हटाई है, उसे चीन के रक्षा मंत्रालाय ने सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर इस तरह का संदेश काफी तेजी से वायरल हो रहा था कि बीजिंग भारत को 20 मिलियन डॉलर का लोन देने के लिए तैयार हुआ है, तब जाकर भारत डोकलाम मुद्दे पर समझौते के लिए तैयार हुआ।
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फर्जी है खबर
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गीकियांग ने सोशल मीडिया पर फैले इस मैसेज का जवाब देते हुए कहा कि आपका जो सवाल है कि चीन ने भारत को डोकलाम से अपनी सेना हटाने के लिए लोन दिया है, उसे हमने सरकार के संबंधित विभाग से कंफर्म किया है, इस तरह की रिपोर्ट पूरी तरह से फर्जी है। चीन के विदेश मंत्री ने भी भारत को 20 मिलियन डॉलर लोन दिए जाने की खबर को सिरे से खारिज किया है।

जानबूझकर फैला रहा चीन इस खबर को
एक तरफ जहां चीन के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्रालय ने इस तरह की तमाम खबरों को खारिज करते हुए इसे फर्जी बताया है तो दूसरी तरफ चीन की मीडिया इस खबर को जिंदा रखने की पूरी कोशिश में जुटी है। ऐसा चीन इसलिए भी कर रहा है क्योंकि इसे चीन को लाभ है। इसकी बड़ी वजह है कि चीन आर्थिक रूप से भारत से काफी मजबूत है, जिसके चलते भारत के खिलाफ चीन के सेना से काफी मजबूत है। हाल ही में डोकलाम मुद्दे पर भारत के साथ हुए समझौते के बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने यह संदेश देने की कोशिश की थी कि चीन भारत की तुलना में काफी मजबूत है। जब मंत्रालय ने कहा था कि चीन एक बड़ा देश है। रेन ने कहा कि हाल के मतभेद के बाद भी दोनों देश एक दूसरे के साथ सैन्य भागीदारी बढ़ाने पर काम करेंगे, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं हो।

डोकलाम में जारी रहेगी पेट्रोलिंग
चीनी ने सेना ने कहा कि वह भारत-चीन के बीच समझौते के बाद भी डोकलाम पर पेट्रोलिंग जारी रखेगी। भारत-चीन के बीच डोकलाम पर समझौते के बाद चीन ने यहां सड़क निर्माण का काम रोक दिया है। लेकिन चीनी सेना का कहना है कि चीन की सरकार इसे अल्पकालिक मान कर चल रही है, सड़क निर्माण के काम को हमेशा के लिए नहीं रोका गया है। रेन ने कहा कि चीनी सेना लंबे समय तक डोकलाम में पेट्रोलिंग जारी रखेगी ताकि वह अपनी सीमा की बेहतर तरीके से सुरक्षा कर सके साथ ही यहां रहने वाली सेना और लोगों के रहने के स्तर और सुधारा जा सके।

निर्माण कार्य अस्थाई रूप से रुका है
रेन ने कहा कि हमारे पास लंबे निर्माण काम करने का लक्ष्य है जिसमें सड़क और बिल्डिंग भी शामिल हैं। भविष्य में हम इस तरह की योजना बनाएंगे कि यहां कैसे निर्माण कार्य को जारी रखा जाए, इसके लिए हम तमाम पहलुओं पर ध्यान देंगे, जिसमें मौसम भी अहम हिस्सा है। हाल ही में भारत और चीन की सेना के बीच पत्थरबाजी की घटना पर रेन ने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि भारत को सीमा पर काफी अनुशासन बरतना होगा, साथ ही सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए दोनों दोनों देशों के बीच के समझौते और करार का पालन करना होगा।












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