अमेरिका को निशाना बनाते हुए चीन ने साउथ चाइना सी पर लॉन्च की सबसे खतरनाक मिसाइलें
बीजिंग। चीन और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका पर चीन ने आरोप लगाया कि मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान ही अमेरिकी जासूसी एयरक्राफ्ट नो फ्लाइ जोन में दाखिल हुआ था। इस नए घटनाक्रम के बाद से ही दोनों देश आमने-सामने हैं। अब खबरें हैं कि चीन ने अमेरिकी गतिविधियों को रोकने के मकसद से बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्च कर दी है। इस मिसाइल को चीन की सबसे खतरनाक मिसाइल माना जाता है। वहीं अमेरिका के रक्षा मंत्री की तरफ से भी चीन को आगाह किया गया है। उन्होंने कहा है कि चीन हर कानून को तोड़ रहा है। नए घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है।
Recommended Video

कहीं भी टारगेट को नष्ट करने की ताकत
हांगकांग से निकलने वाले अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी नेवी के युद्धाभ्यास के दौरान दाखिल हुए अमेरिकी जासूसी एयरक्राफ्ट यू-2 को निशाना बनाने के लिए चीन की तरफ से दो बैलेस्टिक मिसाइल्स दागी गई थीं। इन मिसाइलों को एयरक्राफ्ट कैरियर मिसाइल माना जाता है और इन्हें साउथ चाइना सी की तरफ से लॉन्च किया गया था। चीन की तरफ से अमेरिका को चेताने के मकसद से इन मिसाइलों को लॉन्च किया गया था। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना की तरफ से DF-26B को किंगहाई प्रांत से लॉन्च किया गया। जबकि दूसरी मिसाइल DF-21D को झेजियांग प्रांत से बुधवार को लॉन्च किया गया था। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक DF-26B को इस माह की शुरुआत में औपचारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया था। यह मिसाइल समुद्र में कहीं भी अपने टारगेट को नष्ट करने में सक्षम है। इसलिए इसे 'एयरक्राफ्ट कैरियर किलर' नाम दिया गया है। इस हमले की प्रतिक्रिया में अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर की तरफ से भी चीन को वॉर्निंग दी गई थी। उन्होंने कहा है कि चीन लगातार अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।
अमेरिका का जासूसी एयरक्राफ्ट U-2 पहुंचा चीन
एस्पर ने इस बात की तरफ भी ध्यान दिलाया कि ऐसा लग रहा है कि जैसे दक्षिण-पूर्व एशिया के हर हिस्से में चीन अपनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहता है। एक अनाम सूत्र के हवाले से साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने लिखा है कि दोनों मिसाइलें हैनान प्रांत और विवादित पार्सल द्वीप के इलाके की तरफ लॉन्च की गई थीं। अखबार के मुताबिक मंगलवार को अमेरिका का स्पाई प्लेन यू-2 उस समय उसकी सीमा में दाखिल हुआ जब चीनी नेवी एक लाइव फायर एक्सरसाइज को अंजाम दे रही थी। चीन की डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता वू कियान ने कहा है कि यूएस का जासूसी एयरक्राफ्ट बीजिंग के एयरस्पेस में दाखिल हुआ था। मंगलवार को जब पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के नॉर्दन थियेटर कमांड की तरफ से एक मिलिट्री ड्रिल को अंजाम दिया जा रहा था, उसी समय एयरक्राफ्ट की लाइट्स को धीमा कर दिया गया और फिर इसने बीजिंग में एंट्री की। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अमेरिकी एयरक्राफ्ट की घुसपैठ की वजह से कई तरह की ट्रेनिंग गतिविधियां प्रभावित हुईं।












Click it and Unblock the Notifications