चीन ने दुनिया से दबाकर रखे हैं 3 ट्रिलियन डॉलर, वैश्विक अर्थव्यवस्था की लुटिया डूबो सकता है ड्रैगन- रिपोर्ट
China $3 trillion of hidden currency: दक्षिण एशियाई विशाल देश चीन के पास वर्तमान में 6 ट्रिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, लेकिन इसका आधा हिस्सा पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं दिखाया जा रहा है।
ब्लूमबर्ग ने एक सीनियर अर्थशास्त्री की रिपोर्ट के हवाले से खुलासा किया है, कि चीन ने 3 ट्रिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार छिपाकर रखा हुआ है, जिसके बारे में दुनिया अनजान है और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के आधिकारिक रिकॉर्ड में इन 3 ट्रिलियन डॉलर का कोई जिक्र नहीं किया गया है।

चीन का गुप्त विदेशी मुद्रा भंडार
समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने अर्थशास्त्री ब्रैड सेट्सर के हवाले से चीन की इस खतरनाक चोरी के बारे में जानकारी दी है। पूर्व अमेरिकी व्यापार और ट्रेजरी अधिकारी सेट्सर ने द चाइना प्रोजेक्ट पर एक रिपोर्ट में लिखा है, चीन के राज्य वाणिज्यिक ऋणदाताओं और पॉलिसी बैंकों जैसी संस्थाओं की संपत्ति के बीच एक 'शेडो रिजर्व' का पता चला है।
ये "शेडो रिजर्व" राज्य वाणिज्यिक ऋणदाताओं और नीति बैंकों जैसी संस्थाओं की संपत्ति के बीच छिपा हुआ रहता है, जो किसी को दिखाई नहीं देता है। उन्होंने लिखा है, कि चीन का जो विदेशी भंडार दुनिया के सामने है, उसमें पिछले कुछ सालों से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, बल्कि वो सपाट रहा है, लेकिन चीन के छिपे हुए विदेशी मुद्रा भंडार में भारी इजाफा हुआ है, क्योंकि चीन ने दूसरे देशों को तो सामान बेचा ही है और उससे विदेशी मुद्रा तो कमाए ही हैं, और उसे वो अपने गुप्त विदेशी मुद्रा भंडार में जमा करता आया है।
चीन का विदेशी मुद्रा भंडार, इस वक्त दुनिया में सबसे बड़ा है और पिछले महीने ये 28 अरब डॉलर गिरकर 3.177 ट्रिलियन डॉलर हो गया, जो विश्लेषकों के रॉयटर्स पोल द्वारा बताए गए आंकड़े 3.181 ट्रिलियन डॉलर और अप्रैल में 3.205 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा कम है।
अमेरिकी अर्थशास्त्री ने लिखा है, कि इन छिपे हुए विदेशी मुद्रा भंडार का पैमाना "एक महत्वपूर्ण तथ्य को उजागर करता है, जिसे चीन की घरेलू ऋण समस्याओं की चर्चा के बीच अक्सर भुला दिया जाता है।" उनका कहना है, कि "विश्व स्तर पर चीन अभी भी एक बड़ा ऋणदाता है, और चीन के विदेशी मुद्रा के विशाल संचय का भार, अभी भी दुनिया भर में महसूस किया जाता है।"
दुनिया के लिए खतरा बनेगा चीन की ये चोरी
पूर्व अमेरिकी व्यापार और ट्रेजरी अधिकारी सेट्सर ने लिखा है, कि चीन की ये धोखेबाजी दुनिया को भारी पड़ सकती है।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले देश में पारदर्शिता की कमी से निवेशक लंबे समय से असहज रहे हैं। उन्होंने लिखा है, कि "चीन संरचनात्मक रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इतना केंद्र है, कि वह जो कुछ भी करता है, देखता है या अनदेखा करता है, उसका अंततः दुनिया के बाकी हिस्सों पर भारी प्रभाव पड़ता है और इसका भी पड़ेगा।"
बाइडेन प्रशासन के पूर्व व्यापार सलाहकार सेट्सर के अनुसार, चीन के भंडार पर पड़ने वाले प्रभाव का एक उदाहरण देश की बेल्ट एंड रोड पहल को वित्तपोषित करने में उनकी भूमिका है, जो वित्तीय संकट के बाद होल्डिंग्स में विविधता लाने के प्रयास से उत्पन्न हुई है।
सेटसर ने कहा, कि केंद्र सरकार को रिपोर्ट करने वाले संस्थानों के पास संभवत: 6 ट्रिलियन डॉलर के करीब विदेशी संपत्ति है। उन्होंने कहा, कि इसकी तुलना पिछले साल के अंत में स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज द्वारा बताए गए आधिकारिक भंडार के 3.1 ट्रिलियन डॉलर से की जाती है।












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