भारत के लिए अलार्म, सिक्किम तक पहुंची चीन की रेलवे लाइन
बीजिंग। चीन के एक कदम से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भारतीय सीमा से लगे रेल नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिशों में लगे चीन ने तिब्बत क्षेत्र में मौजूद अपनी दूसरी रेलवे लाइन का उद्घाटन कर दिया है। यह रेलवे लाइन सिक्किम तक आती है। इसकी निर्माण लागत करीब 216 करोड़ डॉलर है।

यह रेलवे लाइन जो सिक्किम के बहुत पास है, उसकी मदद से चीन की सेना बहुत ही आसानी से भारत के लिए सबसे अहम हिमालयन रिजन में आ जा सकती है।
चीन की यह रेलवे लाइन तिब्बत की राजधानी ल्हासा को इस क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े शहर शिगाजे से जोड़ती है। इसके अलावा चीन की यह रेलवे लाइन नेपाल और भूटान से लगने वाली सीमा के भी बहुत ही पास है।
चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक इस रेल लाइन के खुलने के बाद ल्हासा से शिगाजे की दूरी को चार की जगह सिर्फ दो घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा।
तिब्बत में यह दूसरी रेलवे लाइन है। चीन के सूत्रों की मानें तो यह किंघाई-तिब्बत रेल नेटवर्क का ही एक्सपेंशन है। चीन ने यह रेल लाइन वर्ष 2010 में बिछानी शुरू की थी।
गौरतलब है कि पिछले माह ही चीन ने अरुणाचल प्रदेश के पास ही एक और रेल नेटवर्क के बारे में जानकारी दी थी। चीन के एक आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ल्हासा को निंगची से जोड़ने वाली इस नई रेल लाइन पर काम जल्द शुरू होगा।
निंगची अरुणाचल के बेहद नजदीक है। चीन दावा करता है कि अरुणाचल, तिब्बत का ही हिस्सा है। रिपोर्ट में हालांकि कहा गया कि रेलवे का यह विस्तार 2020 तक नेपाल, भूटान व भारत को जोड़ेगा।
सामरिक विशेषज्ञों के मुताबिक, तिब्बत में चीन के बढ़ते रेल नेटवर्क से विवादित सीमा क्षेत्र में चीन की दावेदारी को बल मिलेगा।












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