चीन का नापाक इरादा, अरुणाचल प्रदेश को अपने नक्शे में किया शामिल

गौरतलब है कि इन नक्शों को 30 साल के बाद अपडेट किया गया है। साथ ही चीन सरकार की ओर से चीन की सेना को ये लाखों विवादस्पद नक्शे बांटे गए हैं।
अरुणाचल प्रदेश को किया शामिल
पीएलए डेली के अनुसार सेना की सभी प्रमुख इकाइयों को ये नए नक्शे मिलेंगे। वैसे तो सरकारी मीडिया ने सेना के लिए बांटे गए नक्शों को प्रकाशित नहीं किया है। लेकिन माना जा रहा है कि इस नक्शे में भारत के साथ लगने वाली सीमा की विवादित क्षेत्रों के साथ साथ दक्षिण एवं पूर्व चीन सागर के कई क्षेत्रों में चीन द्वारा अपने बताए जाने वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। जिसका विरोध चीन के पड़ोसी देश हमेशा से करते आए हैं।
भारत ने जताई आपत्ति
पिछले महीने भी इस नक्शे से संबंधित खबरों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी और अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया था। तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अबरुद्दीन ने कहा था कि अरुमाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य अंग है। इस तथ्य को भारत ने उच्चतम स्तर सहित चीनी अधिकारियों को विभिन्न अवसरों पर अवगत कराया।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले भी चीन ने भारत के साथ विश्वासघात किया था। जब ब्राजील में चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हाथ मिला रहे थे, उसी वक्त चीन के सैनिक लद्दाख में घुसपैठ कर रहे थे। बाद में भारतीय जवानों के कड़े विरोध का सामना कर उन्हें लौटना पड़ा।
बहरहाल, चीन अपनी हरकतों से बाज आता नहीं दिख रहा है। जिस पर भारत सरकार को कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करनी चाहिए। 15 जुलाई को भी नरेन्द्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति के साथ हुए मुलाकात में यह मुद्दा सामने रखा था। लेकिन फिलहाल वार्ता का कोई प्रभाव दिखता नजर नहीं आ रहा है।












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