कंगाल पाकिस्तान की कटोरी में चीन ने डाला 2.3 अरब डॉलर का कर्ज, ड्रैगन के फंदे में और फंसा

मार्च महीने में पाकिस्तान ने चीन 2.3 अरब डॉलर का कॉमर्शियल कर्ज इस शर्त पर चुकाया था, कि चीन उसे ये पैसा वापस कर्ज के तौर पर दे देगा, जो अब चीन ने वापस दे दिया है।

इस्लामाबाद/बीजिंग, जून 25: भीषण आर्थिक संकट के चक्रवात में फंस चुके पाकिस्तान को चीन ने 2.3 अरब डॉलर की नई मदद दी है और पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्लाइल ने इस बात की पुष्टि करते हुए शुक्रवार को घोषणा की है, कि चीन ने पाकिस्तान के घटते विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ावा देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) में 2.3 बिलियन डॉलर जमा किए हैं। लेकिन सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या मदद के नाम पर पाकिस्तान चीन के कर्ज जाल में और फंसता नहीं जा रहा है?

चीन ने दिया विशालकाय कर्ज

चीन ने दिया विशालकाय कर्ज

पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि 15 बिलियन आरएमबी (लगभग 2.3 बिलियन डॉलर) का चीनी कंसोर्टियम ऋण आज हमारे विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि करते हुए एसबीपी खाते में जमा किया गया है।" चीन द्वारा पाकिस्तान के साथ 2.3 बिलियन डॉलर के वाणिज्यिक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर करने के दो दिन बाद पैसा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में जमा कराया गया है, क्योंकि पाकिस्तान सरकार कुल 2 अरब डॉलर के तीन और मैच्योर ऋणों के रोलओवर की प्रतीक्षा कर रही है। पाकिस्तान के पास इस वक्त आधिकारिक तौर पर विदेशी मुद्रा भंडार 8.24 अरब डॉलर का बचा है, जिसमें उसे कर्ज भी चुकाने हैं, लिहाजा पाकिस्तान सरकार ने चीन से कर्ज की मांग की थी।

लेकिन पैसों का नहीं कर सकता है इस्तेमाल

लेकिन पैसों का नहीं कर सकता है इस्तेमाल

आपको बता दें कि, मार्च महीने में पाकिस्तान ने चीन 2.3 अरब डॉलर का कॉमर्शियल कर्ज इस शर्त पर चुकाया था, कि चीन उसे ये पैसा वापस कर्ज के तौर पर दे देगा, जो अब चीन ने वापस दे दिया है। लेकिन, चीन ने शर्त रख दी है, कि पाकिस्तान इन पैसों का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। चीन ने शर्त रखी है, कि पाकिस्तान के बाहरी क्षेत्र की स्थिति कमजोर होने के कारण पैसे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार की आईएमएफ के साथ भी कर्ज को लेकर बात चल रही है और सरकार ने आईएमएफ के साथ समझौता करने के लिए कुछ कठिन शर्तों को भी स्वीकार किया है।

मुश्किल आर्थिक संकट में फंसा

मुश्किल आर्थिक संकट में फंसा

आपको बता दें कि, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस वक्त काफी तेजी से बिगड़ रही है और पाकिस्तान को अगर फौरन मदद नहीं मिली, को देश के हालात अगले कुछ महीनों में श्रीलंका जैसे ही हो जाएंगे। कुछ अनुमानों में इस वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा लगभग 17 अरब डॉलर या उसकी जीडीपी से 4.5% से ज्यादा हो गया है। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से गिरावट आई है और पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने इस महीने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा है कि, फरवरी के अंत में पाकिस्तान के पास 16.3 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था, जिसमें 6 अरब डॉलर और खत्म हो चुके हैं और पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 10 अरब डॉलर का ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। वहीं, पाकिस्तान की फाइनेंस टीम कतर की राजधानी दोहा में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से दोबारा बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रही है।

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