नोएडा में अपने नागरिक के तिरंगा फाड़ने के मामले में चीन ने तोड़ी चुप्पी
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग की ओर से मामले पर कहा गया है कि हमें मामले की रिपोर्ट मिली है और हम इस पर निगाह बनाए हुए हैं।
नई दिल्ली। मंगलवार को चीनी मोबाइल कंपनी ओप्पो के नोएडा स्थित ऑफिस के बाहर चीनी नागरिक पर भारतीय झंडा फाड़कर फेंकने के आरोप के बाद हुए हंगामें पर चीन सरकार ने संज्ञान लिया है। चीन ने बुधवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत चीन के नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराएगा।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग की ओर से मामले पर कहा गया है कि हमें मामले की रिपोर्ट मिल चुकी है और हम मामले पर नजर बनाए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी लोकल पुलिस के साथ संपर्क में है और उम्मीद करते हैं कि मामला सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चीनी एंटरप्राइजेज और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर हम संजीदा हैं। कांग ने कहा कि चीन की सरकार ने हमेशा ही विदेशों में काम कर रहे अपने लोगों से लोकल कानून और आस्थाओं का सम्मान करने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला?
चीनी मोबाइल कंपनी ओप्पो के नोएडा ऑफिस के बाहर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ था। ऑफिस के बाहर जमा भीड़ का कहना था कि कंपनी में काम करने वाले एक चीनी नागरिक ने तिरंगा झंडा फाड़कर डस्टबिन में डाल दिया। इसी को लेकर विरोध शुरू हो गया और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग नोएडा सेक्टर 63 स्थित कंपनी के ऑफिस के बाहर जमा हो गए। बाद में पुलिस ने आकर मामले को संभाला।
पुलिस ने तीन कर्मचारियों की शिकायत के बाद चीनी नागरिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी की फुटेज निकालकर मामले को देखेगी। आरोपी शख्स प्रोडक्शन मैनेजर के तौर पर काम करता है। ओप्पो के ऑफिस पर विरोध जताने के लिए धावा बोलने वालों में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल थे। इस वजह से करीब चार घंटे को पूरा सेक्टर जाम रहा।पढ़ें- चीनी नागरिक ने तिरंगे को फाड़कर डस्टबिन में फेंका, ऑफिस के बाहर जोरदार हंगामा












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