मिलिट्री यूनिवर्सिटी से लीक हुए डाटा, कोरोना वायरस से चीन में हुई है लाखों की मौत!
बीजिंग। कोरोना वायरस महामारी को लेकर चीन की तरफ से जितने भी बयान आ रहे हैं, उस पर पहले से ही हर कोई शक कर रहा है। अब चाइना मिलिट्री की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी के कुछ डाटा लीक हुए हैं। इन लीक हुए डाटा से चीन का एक और झूठ सामने आता हुआ नजर आ रहा है। अभी तक चीन यह दावा करता आ रहा है कि दिसंबर 2019 में वुहान से जो कोरोना वायरस फैला उसकी वजह से 4,633 लोगों की मौत हो गई और 82,919 लोग संक्रमित थे। लेकिन लीक डाटा में आंकड़ें इससे कहीं ज्यादा हैं।

230 शहरों में थे 6 लाख से ज्यादा संक्रमित
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी के जो डाटा सामने आए हैं उनसे पता लगता है कि चीन किस कदर सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा है। इस डाटाबेस में कोरोना वायरस के मामलों को 230 शहरों में कवर किया गया है। फॉरेन पॉलिसी मैगजीन के हाथ लगे इन डाटा को देखकर हकीकत मालूम चल जाती है। डाटा के मुताबिक चीन में 82,919 नहीं बल्कि 640,000 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित थे। लीक हुए डाटा के मुताबिक अस्पतालों के साथ संक्रमितों के मिलने वाले स्थान जैसे होटल, सुपरमार्केट, रेलवे स्टेशन, रेस्तरां और स्कूलों के नाम भी शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर इसमें लिखा गया है कि 14 मार्च को पूर्वी शहर झिंझियांग के एक रेस्तरां में कोविड-19 का एक मामला मिला, जबकि हरबिन के एक चर्च में 17 मार्च को संक्रमण के दो केस मिले।
मिलिट्री ने जुटाए हैं आंकड़ें
यह दावा भी किया जा रहा है कि संख्या 6.4 लाख से भी ज्यादा और कम हो सकती है। यह साफ नहीं है कि यह डाटा कैसे जुटाया गया है लेकिन यूनिवर्सिटी की साइट पर लिखा है कि इसे तैयार करने में सार्वजनिक संसाधनों का प्रयोग किया है। चूंकि इसमें किसी का नाम दर्ज नहीं है तो केस की पुष्टि मुश्किल है। देश में कोरोना वायरस से निपटने में सेना की बड़ी भूमिका है। सेना ने क्वारनटीन सेंटर, ट्रांसपोर्ट सप्लाई और मरीजों को ठीक करने में बहुत मदद की है। ऐसे में चीन के मिलिट्री ऑफिसर्स की तरफ से प्रयोग किया जा रहा डाटा काफी विश्वसनीय कहा जा सकता है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) का कहना है कि उसे ऐसे किसी डेटाबेस की जानकारी नहीं है।












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