ड्रैगन के जाल में फंसकर बिकने के कगार पर पहुंचा एक देश, चीन कर सकता है कब्जा

चीन के कर्ज के जाल में बुरी तरह फंसा यूरोपीय देश मोंटेनेग्रो दीवालिया हो सकता है और रिपोर्ट है कि उसकी जमीन पर चीन कब्जा कर सकता है।

नई दिल्ली, जुलाई 07: चीन से कर्ज लेना किसी देश को कितना भारी पड़ सकता है, उसकी एक कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं। ड्रैगन पहले छोट-छोटे देशों को अपने कर्ज के जाल में फंसाता है और फिर उस देश को निगल लेता है। श्रीलंका के हंबनटोटा पोर्ट पर जब चीन ने कब्जा किया था, उस वक्त भी ऐसे देशों को समझ नहीं आया, कि चीन से कर्ज लेना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। यूरोप में एक छोटा सा देश है, जिसका नाम है मोंटेनेग्रो, जिसने चीन से भारी भरकम कर्ज लिया था, लेकिन अब मोंटेनेग्रो देश दीवालिया होने के कगार पर आ गया है और आशंका जताई जा रही है कि कुछ ही दिनों में चीन इस देश को खरीदने वाला है।

Recommended Video

    ड्रैगन के जाल में फंसकर बिकने के कगार पर पहुंचा एक देश, चीन कर सकता है कब्जा
    बिकने के कगार पर पहुंचा देश

    बिकने के कगार पर पहुंचा देश

    मोंटेनेग्रो देश ने देश में विशाल हाईवे बनाने के लिए चीन से एक बिलियन डॉलर का कर्ज लिया था और आपको जानकर हैरानी होगी कि ये हाईवे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके लिए मोंटेनेग्रो को चीन के स्टेट बैंक ने एक बिलियन डॉलर का कर्ज दिया था। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक मोंटेनेग्रो इन पैसों में हाईवे का निर्माण नहीं कर पाया और अब वो बुरी तरह से फंस गया है। रिपोर्ट है कि चीन के बैंक ने मोंटेनेग्रो देश से कर्ज में दिया गया पैसा वापस मांगने लगा है और अगर मोंटेनेग्रो चीन को पैसा नहीं लौटाता है, तो चीन उसकी जमीन पर कब्जा कर लेगा।

    चीन को कब्जा करने का अधिकार

    चीन को कब्जा करने का अधिकार

    डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक मोंटेनेग्रो देश में जिस हाईवे का निर्माण होना था वो बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव प्रोजेक्ट का हिस्सा था, जिसके लिए मोंटेनेग्रो को चीन के स्टेट बैंक ने पहली किश्त में 1 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया था। इन पैसों से 270 मील हाईवे का निर्माण होना था। रिपोर्ट के मुताबिक मोंटेनेग्रो को इस महीने एक बिलियन डॉलर लोन का किश्त चुकाना है, लेकिन अब मोंटेनेग्रो के पास पैसे नहीं हैं कि वो चीन के कर्ज का किश्त चुका सके। रिपोर्ट के मुताबिक मोंटेनेग्रो के ऊपर इस परियोजना की वजह से उसकी जीडीपी से दोगुना कर्ज हो गया है, ऐसे में वो चीन को कैसे किश्त चुकाएगा, बड़ा सवाल है। एनपीआर ने मोंटेनेग्रो को चीनी कर्ज के शर्तों की एक कॉपी की समक्षा की है, जिसमें हैरान करने वाली बातें सामने आईं हैं। इस शर्त में चीन ने लिका है कि अगर मोंटेनेग्रो तय समय सीमा के अंदर कर्ज चुकाने में असफल रहता है तो चीन को उसके देश के अंदर जमीन को जब्त करने का अधिकार है।

    चीनी अदालत में केस चलने का शर्त

    चीनी अदालत में केस चलने का शर्त

    चीनी शर्त की समीक्षा करने पर पता चला है कि मोंटेनेग्रो की पूर्व सरकार ने चीन की सरकार द्वारा बनाई गई सभी शर्तों पर मुहर लगा दी थी, जिसमें एक शर्त ये भी है कि अगर दोनों देशों में प्रोजेक्ट को लेकर कोई विवाद की स्थिति बनती है, तो उसका फैसला चीन के अंदर चीन की अदालत में किया जाएगा। जिसे मोंटेनेग्रो की नई सरकार के उप-प्रधानमंत्री अबाज़ोविक ने हास्यास्पद बताया है। उन्होंने यूरोन्यूज को दिए गये एक इंटरव्यू में कहा है कि 'पिछली सरकार ने चीन की जिन शर्तों को माना है, वो ना सिर्फ हास्यास्पद है, बल्कि राष्ट्रीय हित के किसी भी तर्क से बाहर है।'

    गरीब देशों को जकड़ता चीन

    गरीब देशों को जकड़ता चीन

    रिपोर्ट है कि यूरोप के छोटे-छोटे देशों को चीन ने अपने कर्ज के भयंकर जाल में फंसा रखा है और यूरोप के कई और छोटे देशों ने चीन से उन्हीं शर्तों पर लोन ले रखा है और कुछ सालों में ये देश भी बिकने के कगार पर आ जाएंगे। वहीं यूरोप में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए चीन ने इन बेहद गरीब देशों को उनकी जीडीपी से भी ज्यादा लोन दिया है और बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट को यूरोप तक लेकर जा चुका है। इसके साथ ही चीन ने एशिया के कई देशों के अलावा कई अफ्रीकन देशों को भी कर्ज के जाल में बुरी तरह से जकड़ लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन बुनायदी सेवाओं में विकास लाने की बात कहकर लोन बांटता है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि चीन, गरीब देशों के नेताओं को काफी ज्यादा रिश्वत देता है और ऐसे नेता अपने देश को बेचने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। मोंटेनेग्रो के पास अब चीन के हाथों बिकने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।

    मालदीव-श्रीलंका और पाकिस्तान भी फंसे

    मालदीव-श्रीलंका और पाकिस्तान भी फंसे

    रिपोर्ट के मुताबिक जो हाल अभी मोंटेनेग्रो का हुआ है, अगले कुछ सालों में यही हाल श्रीलंका, पाकिस्तान और मालदीव का भी होने वाला है। मालदीव-श्रीलंका और पाकिस्तान चीन के कर्ज में बुरी तरह से दबे हुए हैं और अगले कुछ सालों में इन्हें भी चीन के दिए हुए कर्ज की किश्ते चुकानी हैं। कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन के पास अथाह विदेशी मुद्रा का भंडार है, जिससे वो छोटे-छोटे देशों के बीच बांटता जा रहा है और अगर कोई देश कर्ज के पैसे वापस नहीं लौटाता है, तो फिर उस देश पर चीन कब्जा कर लेता है। श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर चीन 99 सालों के लिए कब्जा कर चुका है और श्रीलंका की मौजूदा सरकार ने उस लीज को अगले 99 साल के लिए और बढ़ा दिया है।

    मोंटेनेग्रो का अब क्या कहना है?

    मोंटेनेग्रो का अब क्या कहना है?

    मोंटेनेग्रो के कानून मंत्री ड्रेगन सोक ने एनपीआर को बताया कि ''हमने शर्तों के नाम पर एक मजाक बनाया है और जिस राजमार्ग के लिए चीन से लोन लिया गया है, असल में उस राजमार्ग से मोंटेनेग्रो का कोई लेनादेना ही नहीं है।'' उन्होंने कहा कि ''मुझे लगता है कि हम शायद इस पीढ़ी को नहीं, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के सिर पर कर्ज छोड़कर जानमे वाले हैं'' उन्होंने सीधे सीधे तौर पर कहा कि ''ये चीन की नहीं, सीधे सीधे हमारी गलती है''

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+