कम्यूनिस्ट पार्टी ही चीन है, शी जिनपिंग ने दुनिया को धमकाया, अमेरिका को चेताया...आने वाले हैं खतरनाक दिन

शी जिनपिंग ने उस थियानमेन स्क्वायर से दुनिया को धमकाया है, जहां 1989 में 16 हजार से ज्यादा छात्रों पर टैंक चढ़ा दिया गया। चीन अब पूरी तरह से आक्रामक है और दुनिया के लिए खतरनाक बन गया है।

बीजिंग, जुलाई 02: चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) ने अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष का जश्न मनाने के लिए थियानमेन स्क्वायर पर शी जिनपिंग ने विशाल शक्ति प्रदर्शन कर दुनिया को दिखाने की कोशिश की, कि दुनिया के लिए चीन कितना खतरनाक हो गया है। इस दौरान शी जिनपिंग ने धमकी भरे लहजे में दुनिया को एक के बाद एक कई चेतावनी दी और लब्बोलुआब एक था, कि चीन किसी की बात नहीं सुनेगा और अगर किसी ने चीन को रोकने की कोशिश की, तो अंजाम बुरा होगा। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर कोई भी विदेशी शक्ति चीन को धमकाने की कोशिश करेगा, तो चीन की 1.4 अरब की आबादी 'स्टील की महान दीवार' की तरह उसके सामने खड़ा हो जाएगा।

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    शी जिनपिंग की खतरनाक धमकियां

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    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने थियानमेन स्क्वायर की बालकनी से समारोह को संबोधित किया। शी जिनपिंग के पीछे पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के संस्थापक माओत्से तुंग की एक विशाल तस्वीर भी थी, और खुद उन्होंने माओत्से तुंग की तरह का लिबास भी पहन रखा था। इस दौरान उन्होंने साफ साफ कहा कि ताइवान को मुख्य भूमि चीन से जोड़ना सत्ताधारी पार्टी का ऐतिहासिक लक्ष्य है। सीपीसी के महासचिव और चीन की सेना के अध्यक्ष शी जिनपिंग के निशाने पर सबसे पहले अमेरिका था। उन्होंने अमेरिका के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि किसी भी"विदेशी शक्ति" को चीन को धमकाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

    1921 से 2021 तक...कम्यूनिस्ट पार्टी का सफर

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    पूरी दुनिया की शांति में व्यवधान डालने वाले चीन ने कम्यूनिस्ट पार्टी की स्थापना के 100वें वर्ष के मौके पर सबसे ज्यादा अमेरिका को आड़े हाथ लिया और उसपर चीन के ''शांतिपूर्ण विकास'' में बार बार बाधा डालने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन दोनों ने ही चीन के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है। अमेरिका ने व्यापार से लेकर मानवाधिकार के मुद्दों तक कई मामलों में चीन को निशाने पर लिया है और कोविड-19 का दावा सबसे पहले चीन के शहर वुहान से सामने आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए उसपर जुर्माना लगाने की बात की थी। चीन की सरकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने 68 साल के हो चुके शी जिनपिंग के हवाले से कहा है कि, "चीन के लोग कभी भी किसी विदेशी शक्ति को उन्हें धमकाने, परेशान करने या अपने अधीन करने की अनुमति नहीं देंगे।" ऐसा करने की कोशिश करने वालों को 1.4 अरब से अधिक चीनी लोगों की विशाल दीवार से टकराना होगा।' उन्होंने कहा कि, "हमने कभी किसी अन्य देश के लोगों को परेशान, उत्पीड़ित या अधीन नहीं किया है और हम ऐसा कभी नहीं करेंगे।" इसी तरह हम किसी भी विदेशी शक्ति को कभी भी हमें धमकाने की इजाजत नहीं देंगे, हम दोबारा चीन को अधीन होने नहीं देंगे।''

    शी जिनपिंग का न्यूक्लियर हथियार प्रेम

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    शी जिनपिंग के भाषण के दौरान थियानमेन स्क्वायर पर करीब 70 हजार लोग मौजूद थे। जिसमें स्कूली बच्चों के अलावा पार्टी कार्यकर्ता, सेना के अधिकारी शामिल थे। आपको बता दें कि थियानमेन स्क्वायर की वो जगह है, जहां 1989 में चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के खिलाफ प्रचंड विद्रोह शुरू हुआ था, लेकिन कम्यूनिस्ट पार्टी ने बर्बरता के साथ उस विद्रोह को दबा दिया था। कहा जाता है कि उस विद्रोह के दौरान कम्यूनिस्ट पार्टी ने करीब 16 हजार छात्रों को एक ही रात में मार डाला था। हजारों छात्रों को कम्यूनिस्ट पार्टी की सेना ने अपनी टैंक से कुचलकर मार दिया था। वहीं, कम्यूनिस्ट पार्टी की स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत हेलीकॉप्टरों और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों द्वारा 'फ्लाईपास्ट' के साथ हुई। 'फ्लाईपास्ट' में लगभग 71 विमानों ने भाग लिया, जिसमें चीन के सबसे उन्नत 'जे-20 स्टील्थ' लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, लड़ाकू विमान 'ट्रेनर' और अन्य शामिल थे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी चीन की सरकारी मीडिया में लाइव किया गया।

    एकजुटता दिखाने की कोशिश

    एकजुटता दिखाने की कोशिश

    कम्यूनिस्ट पार्टी ने इस दौरान अपने नेताओं के बीच एकजुटता भी दिखाने की कोशिश की और पार्टी के कई पूर्व और वर्तमान शीर्ष नेताओं ने समारोह में भाग लिया था। जिनमें शी जिनपिंग के पूर्ववर्ती हू जिंताओ और पूर्व प्रधान मंत्री वेन जियाबाओ भी शामिल थे। सीपीसी के "प्रमुख" नेता के रूप में कहे जाने वाले शी जिनपिंग को माओ के बाद पार्टी का सबसे शक्तिशाली नेता माना जाता है। उन्होंने माओ-शैली का ग्रे सूट पहना हुआ था जैसा कि माओत्से तुंग ने 100 साल पहले पहना था। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान मुद्दे को सुलझाना और चीन के एकीकरण को साकार करना उनका ऐतिहासिक लक्ष्य है और सीपीसी इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि, "हमें 'ताइवान की स्वतंत्रता' की दिशा में किसी भी प्रयास को पूरी तरह से विफल करने के लिए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और राष्ट्रीय कायाकल्प के लिए एक उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।"

    चीन के लिए शी जिनपिंग का प्लान

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    शी जिनपिंग ने समारोह के दौरान कहा कि "किसी को भी अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए चीनी लोगों के अपार संकल्प, दृढ़ इच्छाशक्ति और असाधारण क्षमता को कम करके नहीं आंकना चाहिए।" हमें राष्ट्रीय रक्षा और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में तेजी लानी चाहिए। हम अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के लिए और अधिक क्षमता और अधिक विश्वसनीय साधनों से लैस हो रहे हैं।'' शी जिनपिंग ने इस बात पर जोर दिया कि सेना को पार्टी के नेतृत्व में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' देश की रक्षा और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा के लिए एक मजबूत स्तंभ है और क्षेत्रीय और विश्व शांति की रक्षा के लिए एक मजबूत ताकत है।

    शी जिनपिंग ही एकमात्र नेता

    शी जिनपिंग ही एकमात्र नेता

    आपको बता दें कि चायना कम्यूनिस्ट पार्टी की स्थापना माओत्से तुंग ने 1 जुलाई, 1921 को की थी और गुरुवार को इसके अस्तित्व के 100 वर्ष पूरे हो गए हैं। 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) के गठन के बाद से यही चीन की सत्ता में है और चीन में किसी दूसरी पार्टी को अस्तित्व में ही नहीं आने दिया गया है। चीन के लिए सीपीसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि कम्यूनिस्ट पार्टी से चीन के लोगों को अलग करने का किसी भी प्रयास को सफल होने नहीं दिया जाएगा। "पार्टी के साढ़े 9 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और चीन की एक अरब 42 करोड़ की जनता ऐसा कभी नहीं होने देगी। आपको बता दें कि चीन की सत्ता के तीन सर्वोपरि नेता होते हैं। एक कम्यूनिस्ट पार्टी का अध्यक्ष, एक चीन की सरकार का राष्ट्रपति और तीसरा चीन की सेना का अध्यक्ष। लेकिन, शी जिनपिंग पर इल्जाम है कि सत्ता में आने के बाद उन्होंने धीरे धीरे तीनों अंगों पर कब्जा जमा लिया और अपने कई विरोधियों को गायब करवा दिया और खुद को मरते दम तक के लिए चीन का राष्ट्रपति घोषित कर दिया है।

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