पाकिस्तान को BRICS ब्लॉक में शामिल करना चाहता है चीन, क्या भारत को देनी चाहिए सहमति?

चीन ने उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों को ब्रिक्स में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों में इंडोनेशिया, फिलिपिंस, इजरायल, बांग्लादेश भी शामिल हैं।

बीजिंग/नई दिल्ली, मई 20: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कहा कि चीन का मानना है कि, ब्रिक्स ब्लॉक का विस्तार होना चाहिए और इमर्जिंग इकोनॉमिक देशों (उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश) को ब्रिक्स ब्लॉक में शामिल होना चाहिए। साल 2009 में चीन, भारत, ब्राजील और रूस ने मिलकर ब्रिक्स ब्लॉक का गठन किया गया था और बाद में इसमें दक्षिण अफ्रीका को भी सामिल किया गया, लेकिन अब चीन की कोशिश इसका विस्तार करने की है और चीन ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम नहीं लेकर, उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों का नाम लिया है, लेकिन चीन का इरादा पाकिस्तान की तरफ ही है। तो क्या भारत को इसके लिए तैयार होना चाहिए?

ब्रिक्स का विस्तार चाहता है चीन

ब्रिक्स का विस्तार चाहता है चीन

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की एक ऑनलाइन बैठक में कहा कि, 'चीन ने ब्रिक्स विस्तार प्रक्रिया शुरू करने, विस्तार के लिए मानदंड और प्रक्रियाओं का पता लगाने और धीरे-धीरे आम सहमति बनाने का प्रस्ताव रखा है।" यानि, चीन ने ब्रिक्स के साथी देशों के सामने ब्रिक्स के विस्तार का प्रस्ताव रखा है और चीन का ये प्रस्ताव इसलिए भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि रूस के पास अब चीन के प्रस्ताव से पीछे हटने का विकल्प बचा नहीं है और ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका भी चीन कर्ज में फंसे हुए हैं और भारत के दोस्त होने के बाद भी इन दोनों देशों के लिए चीन के खिलाफ जाना काफी मुश्किल है।

चीन का चौंकाने वाला प्रस्ताव

चीन का चौंकाने वाला प्रस्ताव

हालांकि, चीन ने उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों को ब्रिक्स में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों में इंडोनेशिया, फिलिपिंस, इजरायल, बांग्लादेश शामिल हैं। लेकिन, चीन का ये प्रस्ताव अचानक आया है और पूरी दुनिया के लिए चौंकाने वाला है। चीन ने पूरी तैयारी के साथ ब्रिक्स में उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों को रखने का प्रस्ताव रखा है और एक्सपर्ट्स का मानना है कि, चीन ने अमेरिका को काउंटर करने के लिए ब्रिक्स प्लेटफॉर्म को चुना है और इसीलिए पिछले कुछ महीनों से भारत की लगातार तारीफ कर रहा है, ताकि इस साल के अंत में होने वाली बैठक में पीएम मोदी भी बीजिंग का दौरा करें। हालांकि, भारत की तरफ से अभी तक फैसला नहीं लिया गया है, कि पीएम मोदी चीन का दौरा करेंगे या नहीं, जबकि रूस के राष्ट्रपति का बीजिंग दौरा करीब करीब तय हो गया है। वहीं, चीन ने कहा है कि, वो ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों से इस प्रस्ताव पर बात करेगा और फिर सभी की सहमति के बाद ही फैसला किया जाएगा।

अलग अलग है ब्रिक्स बैंक और ब्रिक्स ब्लॉक

अलग अलग है ब्रिक्स बैंक और ब्रिक्स ब्लॉक

दरअसल, ब्रिक्स बैंक और ब्रिक्स ब्लॉक दोनों अलग अलग हैं और ब्रिक्स बैंक को पहले से भी विस्तार दिया जा चुका है और उसमें ब्रिक्स ब्लॉक के सदस्य देशों के अलावा बांग्लादेश, इजिप्ट, संयुक्त अरब अमीरात और उरूग्वे जैसे देश शामिल हैं। ब्रिक्स ब्लॉक के ही बैंक को ब्रिक्स बैंक कहा जाता है, जिसका असली नाम न्यू डेवलपमेंट बैंक हैं। लेकिन, अब चीन की कोशिश ये है, कि ब्रिक्स में कई और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों को शामिल कर एक बड़े संगठन का निर्माण किया जा सके, जिसका बॉस वो खुद हो। यानि, चीन की कोशिश अमेरिका को चुनौती देना है, लिहाजा भारत के लिए ये असहज करने वाला है, खासकर पाकिस्तान को ब्रिक्स में शामिल करने का प्रस्ताव भारत के लिए हैरान करने वाला है। भारत असहज इसलिए भी है, क्योंकि भारत भी नहीं चाहता है, कि कोई ऐसा बड़ा ब्लॉक बने, जिसका कमान पूरी तरह से चीन के हाथ में हो और चीन का इसका फायदा जियो पॉलिटिक्स को कंट्रोल करने में उठाए।

क्या पाकिस्तान है इमर्जिंग इकोनॉमी?

क्या पाकिस्तान है इमर्जिंग इकोनॉमी?

इसमें कोई शक नहीं है, कि पाकिस्तान एक बड़े आर्थिक संकट में फंसा हुआ है और पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी करीब करीब खत्म ही होने वाला है और पाकिस्तान की करेंसी का वैल्यू भी डॉलर के मुकाबले 200 को पार कर चुका है, लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान इमर्जिंग इकोनॉमी वाले देशों की लिस्ट में शामिल है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पाकिस्तान को कहीं ना कहीं से आर्थिक मदद मिल जाती है और उसकी जीडीपी बिखड़ने से बच जाती है, जैसे अभी सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 6 अरब डॉलर की मदद देने की बात कही है। इसके साथ ही पाकिस्तान को कभी आईएमएफ, कभी वर्ल्ड बैंक तो कभी चीन या फिर यूएई से भी वित्तीय मदद मिल जाती है और वो बच निकलता है। इसके साथ ही एक और फैक्टर ये है, कि पाकिस्तान कि मिडिल क्लास भी धीरे धीरे विकास के रास्ते पर आ रही और पिछले दिनों पाकिस्तान ने 6 प्रतिशत विकास दर होने का भी दावा किया है, जिसकि पुष्टि नहीं की गई है। लिहाजा, पाकिस्तान इमर्जिंग इकोनॉमी में शामिल है।

पाकिस्तान को क्या फायदा होगा?

पाकिस्तान को क्या फायदा होगा?

ब्रिक्स देश कई बड़े बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे, स्पेस सेक्टर में, टेक्नोलॉजी सेक्टर में और एग्रीकल्चर सेक्टर में लांच करते हैं और अगर पाकिस्तान को ब्रिक्स संगठन में शामिल किया जाता है, तो पाकिस्तान को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। इसके साथ ही ब्रिक्स बैंक से भी पाकिस्तान को काफी आसान शर्तों पर कर्ज मिल सकेगा। इसके साथ ही पाकिस्तान को सबसे बड़ा फायदा स्पेस सेक्टर में होगा, क्योंकि ब्रिक्स देश आने वाले वक्त में कई सैटेलाइट एक संयुक्त कार्यक्रम के तहत लांच करने वाले हैं और अगर पाकिस्तान को इसमें शामिल किया जाता है, तो पाकिस्तान को भी इसका फायदा होगा। लेकिन, सबसे बड़ा फायदा ये होगा, कि ब्रिक्स के अंदर भी चीन को अपने पक्ष में करने के लिए एक और देश का साथ मिल जाएगा और ब्रिक्स पर उसकी पकड़ काफी मजबूत हो जाएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+