‘दुनिया की छत’ पर चीन बना रहा ‘नक्षत्रों का घर’, काम शुरू, स्पेस टेक्नोलॉजी में बहुत आगे निकला ड्रैगन
चीन अमेरिका के बाद अंतरिक्ष में निजी स्पेस स्टेशन का निर्माण क रहा है। अभी तक अंतरिक्ष में सिर्फ अमेरिका का ही स्पेस स्टेशन था, लेकिन इस साल चीन का भी स्पेस स्टेशन बनकर तैयार हो रहा है
तिब्बत, जून 14: टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन लगातार नये नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। खासकर स्पेस सेक्टर में चीन लगातार आगे बढ़ रहा है। चीन पहले ही अपने रोबोट को मंगल पर भेज चुका है और अब चीन ने 'दुनिया की छत' माने जाने वाले तिब्बत में ब्रह्मांड की खोज के लिए तारामंडल के निर्माण का काम शुरू कर दिया है।

तिब्बत में तारामंडल का निर्माण
चीन की सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि, चीन ने "दुनिया की छत" पर ब्रह्मांड की खोज के लिए तिब्बत में दुनिया के सबसे ऊंचे स्थान पर एक तारामंडल का निर्माण शुरू कर दिया है। चीन का ये तारामंडल साल 2024 में बन जाएगा और चीन को उम्मीद है कि, सालाना एक लाख से ज्यादा आगंतुकों के आने की उम्मीद है। आधिकारिक मीडिया ने यहां बताया कि चीन का लक्ष्य "दुनिया की छत" पर ब्रह्मांड की खोज के लिए एक खिड़की खोलना है। आपको बता दें कि, तिब्बत ज्यादातर चीनी पर्यटकों और विशेष अनुमति के साथ विदेशियों के लिए खुला है।

ऑप्टिकल खगोलीय दूरबीन से होगा लैस
तिब्बत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने कहा कि तारामंडल में क्षेत्र का सबसे बड़ा ऑप्टिकल खगोलीय दूरबीन होगा, जिसमें एक मीटर व्यास लेंस होगा, और यह खगोलीय अनुसंधान और सार्वजनिक विज्ञान शिक्षा के लिए एक प्रमुख क्षेत्रीय आधार बन जाएगा। दरअसल, चीन इस बात को जानता है कि, भविष्य में दुनिया का शहंशाह वही होगा, जिसका अंतरिक्ष में दबदबा हो और चीन इस बात को काफी अच्छे से समझता है, लिहाजा चीन काफी तेजी से अपने स्पेस मिशन को आगे बढ़ा रहा है और अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी अमेरिका की बादशाहत को खत्म करने की दिशा में इस साल एक दो नहीं, बल्कि 40 से ज्यादा मिशन को अंजाम दे रहा है।
स्पेस स्टेशन का कर रहा निर्माण
चीन अमेरिका के बाद अंतरिक्ष में निजी स्पेस स्टेशन का निर्माण क रहा है। अभी तक अंतरिक्ष में सिर्फ अमेरिका का ही स्पेस स्टेशन था, लेकिन इस साल चीन का भी स्पेस स्टेशन बनकर तैयार हो रहा है और पिछले कई सालों से चीनी ड्रैगन स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी कररहा था। चीन के अंतरिक्ष वैज्ञानिक लगातार स्पेस स्टेशन बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और आखिरकार इस साल चीन का अंतरिक्ष स्टेशन बनकर तैयार होगा। अभी तक अंतरिक्ष मिशनों के लिएचीन को छोड़कर पूरी दुनिया नासा के स्पेस स्टेशन का इस्तेमाल करती है। आपको बता दें कि, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो का भी प्लान स्पेस स्टेशन तैयार करने की है, लेकिन अभी भारतीय मिशन में कई साल लगने वाले हैं।

चीन का चांद और मंगल मिशन
चंद्रमा और मंगल के लिए चीन एक साथ कई मिशन चला रहा है और हाल ही में चीन के रोबोट ने चंद्रमा की सतह से चट्टान और मिट्टी के नमूने पृथ्वी पर भेजे थे, इसके साथ ही पिछले साल मंगल पर छह पहियों वाला रोबोट भी उतारने में चीन ने कामयाबी हासिल की है, इसके साथ ही चंद्रमा के सबसे दूर वाले हिस्से में भी चीन साल 2019 में ही अपने अंतरिक्ष यान को उतार चुका है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बनाने के बाद पिछले दो दशक पुराने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के नेतृत्व वाले 'इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन' का एकाधिकार खत्म हो जाएगा, जिसके 2024 में रिटायर्ड होने की उम्मीद है।












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