श्रीलंका संकट पर भारत ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, क्या देश करेगा विशेष ऐलान?
कोलंबो, 17 जुलाईः श्रीलंका आजादी के बाद से अपने सबसे बुरे संकट से गुजर रहा है। भारत भी लगातार श्रीलंका की मौजूदा स्थिति पर नजर बनाए रखे हुए है। इस बीच श्रीलंका में मौजूदा हालात को लेकर केंद्र मंगलवार को सर्वदलीय बैठक करेगा। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार 19 जुलाई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में बैठक होगी। इस बैठक में श्रीलंका के मौजूदा हालात पर चर्चा की जाएगी।
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रविवार को हुई बैठक में चर्चा
संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, "सरकार ने श्रीलंका में मौजूदा संकट पर विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और एफएम सीतारमण के नेतृत्व में एक और सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो मंगलवार को होनी है।"

'भारत करे हस्तक्षेप'
रविवार को बैठक में अन्नाद्रमुक नेता एम थंबी दुरई और द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि श्रीलंका में संकट के समाधान के लिए भारत को हस्तक्षेप करना चाहिए। भारत, श्रीलंका को ईंधन और राशन की आपूर्ति में मदद कर रहा है क्योंकि देश अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पिछले हफ्ते, जयशंकर ने कहा कि भारत ने श्रीलंका के लिए 3.8 बिलियन अमरीकी डालर का वादा किया था।

भारत कर रहा मदद
भारत ने श्रीलंका के किसानों की मदद के लिए दी गई क्रेडिट लाइन के तहत 44,000 मीट्रिक टन यूरिया भी सौंपा है। आर्थिक संकट ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की सरकार के खिलाफ देश में एक सार्वजनिक विद्रोह को जन्म दिया, जिससे उन्हें देश छोड़कर इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

5 अरब डॉलर की जरूरत
2.2 करोड़ की आबादी वाले इस द्वीपीय देश को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले छह महीनों में करीब 5 अरब डॉलर की जरूरत है। श्रीलंका अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है क्योंकि विदेशी मुद्रा की गंभीर कमी ने भोजन, ईंधन और दवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं के आयात में बाधा उत्पन्न की है।












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