तालिबान आतंकी संगठन है, हम उसे अफगान की नई सरकार के तौर पर मान्यता नहीं देंगे: कनाडा
नई दिल्ली, 18 अगस्त। अफगानिस्तान में तालिबान के नियंत्रण के बाद तालिबान ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए विश्व समुदाय को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि वह देश में शांतिपूर्ण सरकार चलाना चाहते हैं, महिलाओं को शरिया कानून के तहत उनके अधिकार देना चाहते हैं, पुरुषों के साथ उन्हें कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की आजादी दी जाएगी, साथ ही यह भी कहा गया है कि हम किसी तरह का कोई बदला नहीं चाहते हैं। लेकिन कनाडा की सरकार ने साफ कर दिया है कि वह तालिबान को अफगानिस्तान की नई सरकार के तौर पर मान्यता नहीं देंगे।
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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडु ने कहा कि तालिबान ने चुनी हुई सरकार का तख्ता पलट कर जबरन सत्ता हासिल की है। तालिबान को अफगान की नई सरकार के तौर पर मान्यता देने की हमारी कोई योजना नहीं है। कनाडा के कानून के तहत तालिबान आतंकी संगठन है। फिलहाल हमारा ध्यान लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकालने पर है और तालिबान को इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि लोग एयरपोर्ट तक आ सके।
कनाडा के पीएम ने कहा कि 20 साल पहले जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था तो उस वक्त भी कनाडा ने तालिबान को अफगानिस्तान की सरकार मानने से इनकार कर दिया था। रविवार को जब अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ा तो तालिबान ने काबुल में प्रवेश किया और यहां का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, यही नहीं तालिबान के लड़ाकों ने राष्ट्रपति के पैलेस पर भी कब्जा कर लिया और यहांपार्टी की। तालिबान ने अफगानिस्तान में अपनी जीत का भी ऐलान किया।












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