सीक्रेट बैठक में नहीं बनी बात? भारत की सख्ती के बाद कनाडा ने अपने 41 डिप्लोमेट्स को दिल्ली से निकाला
India-Canada Row: कनाडाई सरकार ने गुरुवार को घोषणा की है, कि उसके 41 डिप्लोमेट्स ने नई दिल्ली छोड़ दिया है। कनाडा सरकार ने बताया है, कि भारत द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले उसके 41 डिप्लोमेट नई दिल्ली से निकल गये हैं। कनाडा के डिप्लोमेट्स ने उस वक्त भारत छोड़ा है, जब कुछ दिन पहले रिपोर्ट आई थी, कि भारत और कनाडा के बीच उच्च राजनियक स्तर पर सीक्रेट बैठक चल रही है।
भारत सरकार ने कनाडा को अपने 41 डिप्लोमेट्स को नई दिल्ली से निकालने के लिए कहा था और साफ शब्दों में कहा था, कि अगर तय समय सीमा में डिप्लोमेट्स नहीं निकाले गये, तो उनकी डिप्लोमेटिक इम्यून खत्म कर दी जाएगी।

हालांकि, कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने पिछले दिनों कहा था, कि वो भारत के एक्शन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देगा, लिहाजा माना जा रहा है, कि कनाडाई डिप्लोमेट्स के नई दिल्ली से निकलने के बाद भी दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद और आगे नहीं बढ़ेगा।
नई दिल्ली से निकले कनाडाई डिप्लोमेट्स
आपको बता दें, कि अब तक भारत में कनाडा के 62 डिप्लोमेट्स हुआ करते थे, लेकिन भारत ने डिप्लोमेट्स की संख्या घटाने के लिए कहा था और अब नई दिल्ली में कनाडा के सिर्फ 21 डिप्लोमेट्स ही बचे हैं।
गुरुवार को ओटावा में एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए, कनाडा की विदेस मंत्री मेलानी जोली ने कहा, कि "मैं पुष्टि कर सकती हूं, कि भारत ने कल 20 अक्टूबर तक दिल्ली में 21 कनाडाई राजनयिकों और डिपेडेंट्स को छोड़कर सभी के लिए एकतरफा राजनयिक छूट हटाने की अपनी योजना को औपचारिक रूप से बता दिया है।"
उन्होंने आगे कहा, कि "उनकी सुरक्षा स्थिति को देखते हुए हमने उन्हें सुरक्षित प्रस्थान करने की सुविधा दी है।" उन्होंने कहा, कि "इसका मतलब है कि हमारे राजनयिक और उनके परिवार अब चले गए हैं और घर जा रहे हैं।"
कनाडा के विदेश मंत्रालय, ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के एक बयान में, विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा, कि "भारत ने उन सभी कनाडाई राजनयिकों को मान्यता दी है, जिन्हें वे अब निष्कासित कर रहे हैं। और वे सभी राजनयिक सद्भावना से और दोनों देशों के व्यापक लाभ के लिए अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे थे।"
10 अक्टूबर थी समय सीमा
भारत में कनाडाई राजनयिकों की संख्या कम करने की मूल समय सीमा 10 अक्टूबर थी। लेकिन, कनाडा ने भारत के साथ निजी बातचीत में शामिल होते हुए उस समय सीमा को समाप्त होने दिया। हालांकि, माना जा रहा है, कि ये वार्ता विफल होती दिख रही है।
हालांकि, कनाडा की विदेश मंत्री ने कहा, कि कनाडा भारत के साथ "जुड़ाव" जारी रखेगा, क्योंकि "अब पहले से कहीं अधिक, हमें ज़मीन पर राजनयिकों की ज़रूरत है और हमें एक-दूसरे से बात करने की ज़रूरत है।"












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