BlackRock Fraud: बंकिम ब्रह्मभट्ट कौन? दुनिया की सबसे बड़ी निवेश फर्म को लगाया 4 हजार करोड़ का चूना
Bankim Brahmbhatt BlackRock Fraud: दुनिया की सबसे बड़ी निवेश फर्म ब्लैकरॉक के एक खास विभाग में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। एक भारतीय मूल के बिज़नेसमैन, बंकिम ब्रह्मभट्ट पर आरोप है कि उन्होंने कई बड़ी कंपनियों से करीब ₹4,438 करोड़ (50 करोड़ डॉलर) का बड़ा लोन लिया, लेकिन इसके लिए झूठे कागजात और संपत्तियों का सहारा लिया।
ब्लैकरॉक समेत कई कर्जदाता अब अपना पैसा वापस पाने के लिए जूझ रहे हैं। इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब कुछ ईमेल में गड़बड़ी पाई गई। मामला खुलने के तुरंत बाद, बंकिम ब्रह्मभट्ट ने दिवालिया होने की अर्जी दे दी और उनका ऑनलाइन रिकॉर्ड भी गायब हो गया, जिससे यह संदेह और गहरा गया है।

कौन हैं बंकिम ब्रह्मभट्ट और उन पर क्या है आरोप?
भारतीय मूल के उद्यमी बंकिम ब्रह्मभट्ट बंकाई ग्रुप के संस्थापक हैं और दूरसंचार उद्योग में तीन दशकों का अनुभव रखते हैं। वह ब्रॉडबैंड टेलीकॉम और ब्रिजवॉयस जैसी कंपनियों का संचालन करते हैं, जो अन्य टेलीकॉम कंपनियों को इन्फ्रास्ट्रक्चर और सेवाएं बेचती हैं। ब्लैकरॉक के क्रेडिट आर्म HPS इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स सहित कर्जदाताओं ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लोन लेने के लिए गिरवी रखी जाने वाली संपत्तियों की बैलेंस शीट को मनगढ़ंत बनाया। कर्जदाताओं ने उन पर 50 करोड़ डॉलर (करीब ₹4,438 करोड़) से अधिक का बकाया होने का दावा करते हुए मुकदमा दायर किया है।
क्या है पूरा मामला: $50 करोड़ की धोखाधड़ी
ब्लैकरॉक के क्रेडिट दिग्गज HPS इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स ने सितंबर 2020 में ब्रह्मभट्ट के व्यवसायों को लोन देना शुरू किया, जिसे अगस्त 2024 तक लगभग $43 करोड़ तक बढ़ाया गया। आरोप है कि ब्रह्मभट्ट ने लोन के लिए ऐसी संपत्तियों की एक विस्तृत बैलेंस शीट बनाई जो केवल कागजों पर मौजूद थी। कर्जदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने गिरवी रखी जाने वाली संपत्तियों को भारत और मॉरीशस के अपतटीय खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस वित्तीय धोखाधड़ी के कारण कर्जदाता अब $50 करोड़ से अधिक की वसूली के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: 'Giorgia Meloni बड़ी हसीन, कहीं खतरे में ना पड़ जाऊं', Donald Trump ने इटली की PM पर क्या-क्या कहा?
कैसे हुआ खुलासा: नकली ईमेल और दिवालियापन
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब एक HPS कर्मचारी को कैरिऑक्स ग्राहकों से जुड़े कुछ ईमेल एड्रेस में अनियमितताएं मिलीं। जाँच में पता चला कि ये ईमेल नकली डोमेन से उत्पन्न हुए थे, जो वास्तविक टेलीकॉम कंपनियों की नकल कर रहे थे। जब HPS ने चिंता व्यक्त की, तो ब्रह्मभट्ट ने पहले तो सब कुछ ठीक बताया, लेकिन फिर उन्होंने फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद, 12 अगस्त को, बंकिम ब्रह्मभट्ट ने व्यक्तिगत और अपनी टेलीकॉम कंपनियों (चैप्टर 11 के तहत) के लिए दिवालियापन की अर्जी दी।
ब्रह्मभट्ट का ठिकाना और सोशल मीडिया गायब
मुकदमा दायर होने और दिवालियापन की अर्जी के बाद बंकिम ब्रह्मभट्ट का ठिकाना संदेह के घेरे में है। न्यूयॉर्क स्थित उनका ऑफिस सूट बंद और खाली पाया गया, और उनके घर पर भी कोई नहीं मिला। HPS ने चिंता व्यक्त की है कि बैंकई ग्रुप के अध्यक्ष संभवतः भारत चले गए हैं। इसके अलावा, 30 अक्टूबर 2025 को WSJ की रिपोर्ट सामने आने के कुछ ही घंटों बाद, ब्रह्मभट्ट का सोशल मीडिया अकाउंट (जैसे लिंक्डइन) भी एक्सेस करने की कोशिश करने पर डिलीट पाया गया। यह पूरा मामला अमेरिका के बड़े वित्तीय संस्थानों के लिए एक बड़ा झटका है।
ये भी पढ़ें: America: ट्रंप की बीवी के Ex बॉयफ्रेंड ने किया एक्सपोज, ऐसे-ऐसे राज खोले कि नहीं होगा यकीन!












Click it and Unblock the Notifications