रूसी हमले के बाद यूक्रेन में ब्लैकऑउट, पड़ोसी देश मोल्दोवा में भी बत्ती गुल, माइनस तापमान में मचा कोहराम

रूस ने एक बार फिर से राजधानी कीव और लवीव शहर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि, दक्षिणी यूक्रेन नए सिरे से हमले की चपेट में आ गया है।

Russia-Ukraine War: रूसी हमले के बाद अब पूरे यूक्रेन में ब्लैकऑउट हो गया है और देश के लोग पिछले 24 घंटे से ज्यादा वक्त से अंधेरे में हैं। रूस ने देशभर के ज्यादातर यूक्रेनी बिजली घरों को उड़ा दिया है, जिसके बाद माइनस तापमान में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। यूक्रेन में अब तापमान माइनस में जा चुका है और सर्दी के मौसम में बिजली और गैस से ही लोग अपने घरों को गर्म रखते हैं। लेकिन, ब्लैकऑउट के बाद करीब करीब पूरे देश में अंधेरा छाया हुआ है। पश्चिमी शहर लवीव में भी पूरी तरह से बत्ती गुल है। इसके साथ ही यूक्रेन के पड़ोसी शहर मोल्दोवा में भी बड़े पैमाने पर ब्लैकऑउट की खबर दी है। हालांकि, रूसी हमले में मोल्दोवा सीधे तौर पर प्रभावित नहीं हुआ है।

यूक्रेन में छाया हुआ है अंधेरा

यूक्रेन में छाया हुआ है अंधेरा

राजधानी कीव शहर प्रशासन ने कहा है कि, रूस के ताजा हमले में तीन लोग मारे गए हैं और राजधानी में इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं रूसी हमले में कई घर तबाह हो गये हैं। रूस के निशाने पर खास तौर पर पावर ग्रिड था। रूस ने हाल के दिनों में यूक्रेनी ऊर्जा नेटवर्क पर अपने हमले बढ़ा दिए हैं। जिसकी वजह से करीब करीब पूरे यूक्रेन में अंधेरा छा गया है। वहीं, यूक्रेन और रूस के बीच स्थिति काफी छोटा देश मोल्दोवा ने कहा है, कि आधे से ज्यादा देश में बिजली नहीं है और मोल्दोवा के डिप्टी पीएम आंद्रेई स्पिनू ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर आज के रूसी हमले के बाद मोल्दोवा में बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट।" रॉयटर्स के अनुसार, हालांकि, मोल्दोवा की राजधानी चिशिनाउ में कुछ ही घंटों में बिजली बहाल कर दी गई। इससे पहले, पूरे यूक्रेन में हवाई हमले की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद कई स्थानों पर विस्फोट की खबरें आईं हैं। वहीं, यूक्रेन से आने वाली तस्वीरों में लोगों को अपने फोन चार्ज करने के लिए सड़कों पर परेशान देखा जा रहा है।

यूक्रेन की स्थिति बद से बदतर

यूक्रेन की स्थिति बद से बदतर

लवीव शहर के मेयर एंड्री सडोवी ने कहा कि, रूसी हमले के वक्त स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को जमीन के अंदर बने शेल्टर होम में ले जाया गया है और उन्होंने पैरेंट्स से आग्रह किया है, कि बच्चों की जिंदगी की सुरक्षा को देखते हुए सरकार के अगले आदेश तक बच्चों को शेल्टर होम में ही रहने दें। आपको बता दें कि, रूस ने एक बार फिर से राजधानी कीव और लवीव शहर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि, दक्षिणी यूक्रेन नए सिरे से हमले की चपेट में आ गया है। माइकोलाइव क्षेत्र के गवर्नर ने दक्षिण और पूर्व से "कई रॉकेट" हमलों की खबर दी है। वहीं, यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विसेस ने कहा कि, यूक्रेन के जापोरिज़्ज़िया क्षेत्र में रूसी हमले में एक नवजात शिशु की मौत हो गई, जब एक मिसाइल ने प्रसूति वार्ड को टक्कर मार दी। उन्होंने हमले के लिए रूस को दोषी ठहराया है।

ब्लैकऑउट से जनजीवन अस्तव्यस्त

ब्लैकऑउट से जनजीवन अस्तव्यस्त

हाल के हवाई हमलों के परिणामस्वरूप यूक्रेन के कई हिस्सों में अनिर्धारित ब्लैकआउट आम हो गए हैं। बुधवार को ब्लैकआउट से प्रभावित यूक्रेन के कई इलाके पड़ोसी देशों के करीब थे, जिसमें पोलैंड से सिर्फ 80 किमी (50 मील) की दूरी पर लवीव शहर भी शामिल है, जहां पिछले हफ्ते एक यूक्रेनी वायु रक्षा मिसाइल ने दो लोगों की जान ले ली थी। वहीं, पोलैंड सीमा के करीब स्थिति चेर्वोनोह्रद और यवोरिव कस्बों में भी बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है। स्पिनू ने कहा कि, 15 नवंबर को यूक्रेन पर हमलों के परिणामस्वरूप मोल्दोवा ने भी व्यापक बिजली कटौती का अनुभव किया है। देशभर में मोबाइल नेटवर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुए। वहीं, मोल्दोवा के राष्ट्रपति मैया सैंडू ने कहा कि, रूस ने "मोल्दोवा को अंधेरे में धकेल दिया है"। सोमवार को मोल्दोवन राष्ट्रपति ने कहा कि, यूक्रेन में युद्ध ने मोल्दोवा में बिजली और गैस की आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है। लोगों को कड़ी सर्दी के लिए तैयार रहने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि, "हमें यकीन नहीं है कि हम अपने घरों को गर्म करने और रोशन करने के लिए पर्याप्त बिजली पा सकते हैं।"

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