निखिल गुप्ता का केस जानबूझ कर कमजोर कर रहा अमेरिका? अदालत में सरकार ने नहीं पेश किया कोई सुबूत, दिया ये बहाना
अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में चेक गणराज्य की जेल में बंद भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर लगे आरोपों की विस्तृत जानकारी देने से अमेरिकी सरकार ने इनकार कर दिया है।
अमेरिका ने कोर्ट में कहा कि जब निखिल गुप्ता को न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया जाएगा और उस पर मुकदमा शुरू होगा, तभी उसके खिलाफ लगे आरोपों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

इससे पहले 4 जनवरी को निखिल गुप्ता के वकील ने अदालत में प्रस्ताव पेश कर आरोपों की जानकारी मांगी थी, ताकि वह बचाव की तैयारी कर सकें। निखिल गुप्ता के वकील ने अदालत को ये भी बताया कि चेक गणराज्य की जेल में निखिल गुप्ता के मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश विक्टर मारेरो ने 8 जनवरी को गुप्ता के वकील द्वारा दायर प्रस्ताव का जवाब देने के लिए सरकार को तीन दिन का समय दिया था। इसके बाद न्यूयॉर्क की अदालत ने अमेरिकी सरकार को निर्देश दिए कि वो पन्नू मामले में निखिल गुप्ता के ख़िलाफ सबूत पेश करे।
हालांकि अदालत में अमेरिकी सरकार ने गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले में निखिल गुप्ता के वकीलों को बचाव सामग्री उपलब्ध कराने पर आपत्ति जताई और कहा है कि वह न्यूयॉर्क की अदालत में उनके पेश होने पर ही जानकारी देगी।
अमेरिकी प्रशासन ने 52 वर्षीय गुप्ता पर आरोप लगाए हैं कि वो खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल थे। पिछले साल नवंबर में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने मनहट्टन के एक फेडरल कोर्ट में ये दावा किया था कि निखिल गुप्ता किसी भारतीय अधिकारी के साथ संपर्क में था और उस अधिकारी के साथ मिलकर गुप्ता ने पन्नू के मर्डर की साज़िश रची।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, भारतीय अधिकारी निखिल गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक व्यक्ति को 1 लाख डॉलर की सुपारी दी थी। गुप्ता को 30 जून, 2023 को प्राग, चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में उसे वहीं रखा जा रहा है। अमेरिकी सरकार उसके अमेरिका प्रत्यर्पण की मांग कर रही है।












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