US ने भारत को लौटाए 100 से अधिक पुरावशेष, PM मोदी बोले- मैं जहां भी जाता हूं, सबको लगता है यह सही आदमी है...
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन के निमंत्रण पर 21 से 24 जून तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर थे। पीएम मोदी ने यात्रा के अंतिम दिन वाशिंगटन के रोनाल्ड रीगन सेंटर में भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासियों को बताया कि अमेरिकी सरकार ने भारत से अतीत में चोरी कर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजी गईं 100 से अधिक प्राचीन मूर्तियां, कलाकृतियां और अन्य पुरातन वस्तुएं एवं चीजें लौटाने का फैसला किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों से कहा, "मुझे खुशी है कि अमेरिकी सरकार ने भारत की 100 से अधिक प्राचीन वस्तुएं वापस करने का फैसला किया है जो हमसे चुराई गई थीं। ये पुरावशेष सही या गलत तरीकों से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच गए थे। मैं अमेरिकी के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध व्यापार-केंद्रित नहीं, बल्कि भावनात्मक भी हैं। पीएम ने कहा, "जब मैं पिछली बार अमेरिका आया था, तो बहुत सारी पुरानी पुरावशेष भारत लौट आये थे। मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, वहां की सरकार जो भारत का होता है, उसे लौटा देती है। वे मुझे एक ऐसे उचित व्यक्ति के रूप में देखते हैं, जिस पर भरोसा किया जा सकता है। वे भारतीय पुरावशेष यह सोचकर लौटा देते हैं कि वह उन्हें वापस सही स्थान पर रख दिया जायेगा।"
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार, भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को पुनर्जीवित करने के प्रयास में दुनिया भर से पुरावशेषों और कलाकृतियों को वापस ला रही है। भारत सरकार ने भारतीय कलाकृतियों और सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है।
इसके साथ पीएम मोदी ने रीगन सेंटर में प्रवासी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में जितना संभव हो उतना निवेश करने का यह सबसे अच्छा समय है। भारत में Google का AI का रिसर्च सेंटर 100 से ज्यादा भाषाओं पर काम करेगा। भारत सरकार की मदद से यहां ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन पीठ की स्थापना की जाएगी।












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