ताइवान को खतरनाक F-16 मिसाइल बेचेगा अमेरिका, चीन की दादागिरी पर कसेगी नकेल
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका उसे दो ऐसे मिसाइल मुहैया कराने में राजी हुआ है जिनमें पूर्ण युद्धक क्षमताएं हैं। इससे ताइवान अपने हवाई इलाके की सुरक्षा कर सकेगा।

File Image: PTI
अमेरिका ने ताइवान को 619 मिलियन डॉलर मूल्य के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब ताइवान को सैकड़ों F-16 मिसाइलें मिल सकेंगी। इस कदम से वाशिंगटन और बीजिंग के बीच पहले से ही बढ़े तनाव के और बढ़ जाने की संभावना है। इससे पहले बुधवार को ताइवान के विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि चीन की ओर 25 लड़ाकू विमान और तीन युद्धपोत उसकी सीमा में भेजे गए थे। मालूम हो कि चीन का दावा है कि ताइवान उसका हिस्सा है और वह विदेशी अधिकारियों की ताइवान यात्रा का विरोध करता है। चीन इस द्वीप को फिर से अपने नियंत्रण में लेना चाहता है।
बाइडेन प्रशासन ने बुधवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस को F-16 युद्ध सामग्री और संबंधित उपकरणों की प्रस्तावित बिक्री के बारे में सूचित किया। पेंटागन ने बताया कि सरकार ने ताइवान को 200 एंटी एयरक्राफ्ट एडवांस्ड मीडियम रेंज की एयर टू एयर मिसाइलों और 100 एजीएम-88बी एचएआरएम मिसाइलों की बिक्री करने का फैसला किया है। इस खरीद के लिए ताइवान खुद के फंड्स का इस्तमाल करेगा। इस सौदे से ताइवान को अपने हवाई क्षेत्र की और मुस्तैदी से रक्षा करने में मदद मिलेगी।
अमेरिका को दिया धन्यवाद
विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि यह डील अमेरिका-ताइवान संबंध और लंबे समय से चली आ रही एक-चीन नीति के अनुरूप है, जिसमें अमेरिका, ताइवान को पर्याप्त आत्मरक्षा क्षमता बनाए रखने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक रक्षा लेख और सेवाएं उपलब्ध कराता है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका उसे दो ऐसे मिसाइल मुहैया कराने में राजी हुआ है जिनमें पूर्ण युद्धक क्षमताएं हैं। इससे ताइवान अपने हवाई इलाके की सुरक्षा कर सकेगा और चीनी सेना के उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब दे पाएगा। मंत्रालय ने आगे कहा कि हमारे देश के लिए रक्षात्मक हथियारों का प्रावधान क्षेत्रीय शांति को बनाए रखने का आधार है, और इसके लिए वह यूएसए के प्रति कृतज्ञ है।
लॉकहीड मार्टिन को मिला कॉन्ट्रैक्ट
ताइवान के साथ हुए सौदे के तहत रेथियोन टेक्नोलॉजीज और लॉकहीड मार्टिन को कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। चीन की ओर से किसी भी हवाई हमले की स्थिति में एकल इंजन वाले एफ-16 लड़ाकू विमान ताइवान की रक्षा के केंद्र में होंगे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को ताइवान को हथियारों की बिक्री और सैन्य संपर्क बंद कर देना चाहिए। प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा,"अमेरिकी हथियारों की बिक्री चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों, चीन-अमेरिकी संबंधों और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से कमजोर करती है।"
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