ललित मोदी से पहले भगोड़े नीरव मोदी को भी NO कह चुका है वानुआतु, क्या है यहां के पासपोर्ट नियम?
Vanuatu Citizenship Program Rules: वानुआतु ने पूर्व इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अध्यक्ष ललित मोदी को दिया गया पासपोर्ट रद्द कर दिया है। ललित मोदी पर भारत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। ललित मोदी से पहले वानुआतु भगोड़े नीरव मोदी के नागरिकता आवेदन को भी खारिज कर चुका है।
पिछले हफ्ते ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने वानुआतु की नागरिकता हासिल कर ली है। अगर नागरिकता मिल जाती, तो भारत को ललित मोदी के प्रत्यर्पण की गारंटी लेनी पड़ती, तभी वह भारत में कानूनी कार्यवाही का सामना कर पाता।

इससे पहले वानुआतु हीरा कारोबारी नीरव मोदी के नागरिकता आवेदन को भी खारिज कर दिया था। ऐसे में आइए जानते हैं कि वानुआतु का नागरिकता कार्यक्रम क्या है और यहां पासपोर्स कैसे मिलता है और इसके लिए अब जांच क्यों कड़ी कर दी है?
नीरव मोदी के साथ क्या हुआ था?
वानुआतु अपने निवेश द्वारा नागरिकता (सीबीआई) कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकता प्रदान करता है, जिसके लिए गैर-वापसी योग्य दान या निवेश की जरूरत होती है। कैपिटल इन्वेस्टमेंट इमिग्रेशन प्लान (CIIP) के मुताबिक एकल आवेदकों के लिए आवश्यक राशि $1,55,000 (लगभग 1.3 करोड़ रुपये) है, जो इसे नागरिकता प्राप्त करने के लिए सबसे किफायती विकल्पों में से एक बनाता है।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13,600 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले के सार्वजनिक होने से लगभग तीन महीने पहले नीरव मोदी ने वानुआतु की नागरिकता हासिल करने की कोशिश की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में नीरव मोदी ने नवंबर 2017 में अपने निजी खाते से वानुआतु के 18 अधिकृत एजेंटों में से एक को 195,000 डॉलर ट्रांसफर किए थे, जो देश के निवेश कार्यक्रम द्वारा नागरिकता की सुविधा प्रदान करते हैं।
वानुआतु ने नागरिकता देने की प्रक्रिया जांच क्यों कड़ी कर दी है?
वानुआतु के प्रधानमंत्री जोथम नापत ने अपने अधिकारिक बयान में कहा, ''वानुआतु सरकार ने पिछले चार वर्षों में निवेश कार्यक्रम द्वारा नागरिकता के उचित परिश्रम पहलू को काफी मजबूत किया है, जिसके बाद वानुआतु वित्तीय खुफिया इकाई द्वारा की गई गहन जांच में विफल होने वाले आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है। कई साल पहले लागू की गई बेहतर प्रक्रिया में इंटरपोल सत्यापन सहित ट्रिपल-एजेंसी जांच शामिल की गई थी।''
बयान में यह भी कहा गया कि, ''पिछले कुछ सालों में, इस बात की चिंता रही है कि भुगतान-के-लिए-नागरिकता योजनाएं अपराधियों को धन शोधन करने और अपने गृह देशों में उचित प्रक्रिया से बचने में मदद करती हैं। पिछले साल दिसंबर में यूरोपीय संघ ने अपनी नागरिकता योजना को लेकर वानुआतु के साथ वीजा-मुक्त यात्रा समझौते को रद्द कर दिया था। यूरोपीय संघ वीजा छूट को रद्द कर रहा है, जिसे 2022 से पहले ही निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि वानुआतु एक निवेशक नागरिकता योजना चलाता है जिसके परिणामस्वरूप यूरोपीय संघ के लिए सुरक्षा और प्रवासन जोखिम पैदा हुए हैं।''
नीरव मोदी के मामा और पीएनबी घोटाले में सह-आरोपी मेहुल चोकसी ने एक निवेश कार्यक्रम के माध्यम से एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली है। तब से नीरव मोदी भारत में प्रत्यर्पण से बचने के लिए एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग वॉचडॉग फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने भी निवेश कार्यक्रमों द्वारा नागरिकता के दुरुपयोग के जोखिमों को उजागर किया है।
FATF ने एक रिपोर्ट में कहा कि ऐसी योजनाएं "अपराधियों को अधिक वैश्विक गतिशीलता की अनुमति दे सकती हैं और उन्हें अन्य अधिकार क्षेत्रों में शेल कंपनियों के पीछे अपनी पहचान और आपराधिक गतिविधियों को छिपाने में मदद कर सकती हैं।"












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