दो बार नोबेल पुरस्कार पाने वाले साइंटिस्ट बने बैरी शार्पलेस, इस वजह से दूसरी बार मिला अवार्ड
अमेरिका और डेनमार्क के तीन वैज्ञानिक कैरोलिन आर. बर्टोजजी, मोर्टन मेल्डल और बैरी शार्पलेस को संयुक्त रूप से इस साल के रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
वॉशिंगटन, 05 अक्टूबरः संयुक्त राज्य अमेरिका और डेनमार्क के तीन वैज्ञानिक कैरोलिन आर. बर्टोजजी, मोर्टन मेल्डल और बैरी शार्पलेस को संयुक्त रूप से इस साल के रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ये तीनों वैज्ञानिक क्लिक केमिस्ट्री और बायोऑर्थोगोनल प्रतिक्रियाओं पर काम कर रहे हैं। ये अणुओं का एक ऐसा तरीका विकसित कर रहे हैं जिसका उपयोग बेहतर दवाओं को डिजाइन करने के लिए किया जा सकता है। इनका उपयोग कैंसर की दवाएं बनाने, डीएनए को मैप करने होगा।
Photo: American Chemical Society
बैरी शार्पलेस दूसरी बार नोबेल पाने वाले पांचवे वैज्ञानिक
रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार पाने वाले तीन वैज्ञानिकों में शामिल बैरी शार्पलेस को यह पुरस्कार दूसरी बार मिला है। बैरी शार्पलेस दो बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पांचवें व्यक्ति बन गए हैं। बैरी शार्पलेस को 2001 में भी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। नोबेल पुरस्कार समिति ने घोषणा करते हुए कहा, "बैरी शार्पलेस ने क्लिक केमिस्ट्री के एक कार्यात्मक रूप की नींव रखी जिसमें आणविक बिल्डिंग ब्लॉक्स जल्दी और कुशलता से एक साथ स्नैप करते हैं।"

क्लिक केमिस्ट्री की अवधारण गढ़ी
बैरी शार्पलेस ने साल 2000 में क्लिक केमिस्ट्री की अवधारणा गढ़ी थी। क्लिक केमिस्ट्री सरल और विश्वसनीय रसायन विज्ञान के एक रूप को संदर्भित करता है। इस काम में जहां प्रतिक्रियाएं जल्दी होती हैं वहीं, अवांछित उप-उत्पादों से बचा जाता है। समिति ने आगे कहा, "रसायन विज्ञान में इस वर्ष का पुरस्कार आसान और सरल चीजों के साथ काम करने के बजाय जटिल मामलों से संबंधित नहीं है। एक सीधा रास्ता अपनाकर भी कार्यात्मक अणुओं का निर्माण किया जा सकता है।"

मैरी क्यूरी संग विशिष्ट क्लब में हुए शामिल
बैरी शार्पलेस दूसरी बार नोबेल हासिल कर पोलिश-फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी मैरी क्यूरी, अमेरिकी रसायनज्ञ लिनुस कार्ल पॉलिंग और भौतिक विज्ञानी जॉन बार्डीन और अंग्रेजी जैव रसायनज्ञ फ्रेडरिक सेंगर के रैंक में शामिल हो गए हैं। बैरी शार्पलेस का जन्म 1941 में हुआ था। वह बचपन से कुशाग्र बुद्धि के थे। युवावस्था में वह अपनी पढ़ाई के लिए मेडिकल स्कूल में जाना चाहते थे, लेकिन उनके प्रोफेसर ने उन्हें रसायन शास्त्र लेने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद बैरी शार्पलेस ने 1963 में डार्टमाउथ कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1968 में स्टैंडफोर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की।

इस शोध के लिए 2001 में मिला नोबेल?
बैरी शार्पलेस रसायनशास्त्री के रूप में कैटालिस्ट को डिजाइन करने के लिए जाने जाते हैं। चिरली उत्प्रेरित ऑक्सीकरण प्रतिक्रियाओं पर अपने काम के लिए उन्होंने 2001 में नोबेल पुरस्कार जीता था। चिरल शब्द अणुओं को संदर्भित करता है जो दो मिररिंग रूपों में दिखाई देते हैं। उनके शोध का ही परिणाम है कि एंटीबायोटिक दवाओं जैसे दवा उत्पादों का उपयोग कई औद्योगिक संश्लेषण में किया जा रहा है।
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