बराक ओबामा बना गए भारत को बड़ा डिफेंस पार्टनर, पाकिस्तान के लिए कड़ी शर्तें
बराक ओबामा जाते-जाते अमेरिका के साथ रिश्तों में पाकिस्तान के मुकाबले भारत को तरजीह दे गए हैं।
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश के उस रक्षा बजट पर अपने साइन कर दिए हैं जिसमें भारत को मेजर डिफेंस पार्टनर कहा गया है। अब इस बजट को कानूनी मान्यता मिल गई है और जाते-जाते बराक ओबामा, भारत और अमेरिकी के रिश्ते को और मजबूत कर गए हैं। साथ ही, इस बजट में पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग के लिए कड़ी शर्तें रखी गई है। Read Also: रिटायरमेंट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए भारत से आया नौकरी का ये ऑफर

राष्ट्रपति ओबामा ने नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट, 2017 पर हवाई में हस्ताक्षर किए जहां वे अपने परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे हैं। इस रक्षा कानून के बारे में और बताते हुए सीनेट के आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के मुखिया जॉन मैक्केन ने कहा कि इससे भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ेगा। इस कानून में पाकिस्तान के साथ भी रक्षा सहयोग की बात कही गई है लेकिन उसके लिए चार शर्तें दी गई हैं।
पाकिस्तान अगर इन चार शर्तों को पूरा करेगा तभी अमेरिका उसके साथ रक्षा साझेदारी करेगा। इनके अनुसार, पाकिस्तान को हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कड़े कदम उठाने के सबूत देने होंगे। पाकिस्तान को कोएलिशन सपोर्ट फंड के तहत अमेरिका से मिलने वाले 90 करोड़ यूएस डॉलर की राशि में से 40 करोड़ यूएस डॉलर (2700 करोड़ रुपए) तभी मिलेंगे जब पाकिस्तान इन चार शर्तों को पूरा करेगा। यही नहीं, अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर को कांग्रेस में यह भी साबित करना होगा कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस मदद को 2016 की शुरुआत में अमेरिका ने रोक दिया था क्योंकि रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के अनुसार पाकिस्तान, हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कदम नहीं उठा रहा था। अमेरिका ने इस्लामिक आतंकी संगठन आईएसआईएस से निपटने के लिए 120 करोड़ डॉलर (8200 अरब रुपए ) का बजट रखा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा के कार्यकाल के पूरे होने में अभी कुछ ही दिन बचे हैं। चुने गए नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनकी जगह लेंगे। बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहते हुए भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी मजबूती आई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी दोस्ती जगजाहिर है। दोनों राजनेताओं की करीबी के साथ-साथ भारत और अमेरिकी की नजदीकियां भी बढ़ीं। जाते-जाते बराक ओबामा, भारत को अमेरिकी रक्षा बजट में अहम साझीदार बनाकर दोस्ती का एक बड़ा तोहफा दे गए हैं। अमेरिका के रक्षा बजट में एक शीर्ष अधिकारी की नियुक्ति की बात कही गई है जो भारत के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, लंबित मसलों को हल करने और दोनों देशों के बीच को-ऑर्डिनेशन करने का काम करेंगे। Read Also: नोटबंदी के बाद भी अमेरिका ने भारत को बताया उभरती अर्थव्यवस्था












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